प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बही पावस गीतों की रसधारा
देशभर के प्रतिष्ठित गीतकारों ने वर्षा, प्रकृति और भारतीय संस्कृति पर आधारित रचनाओं से बांधा समां
लंबे समय बाद दिल्ली में सजी विशुद्ध गीत गोष्ठी
NEWS1UP
साहित्यिक डेस्क
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘पावस गीत गोष्ठी’ साहित्य, संगीत और भारतीय सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बन गई। लंबे समय बाद आयोजित विशुद्ध गीत गोष्ठी में देश के ख्यातिप्राप्त गीतकारों ने वर्षा, प्रकृति, प्रेम, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित गीतों का सशक्त पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गोष्ठी का शुभारंभ गाजियाबाद के वरिष्ठ गीतकार एवं पूर्व पार्षद डॉ. संजीव शर्मा ने अपने चर्चित गीत “दावा तो नहीं कोई, पर बात बड़ी होगी, हर हाल में उभरेंगे, सौगात बड़ी होगी.” से किया। कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ. ओंकार त्रिपाठी ने किया।
मुख्य अतिथि एवं हिंदी अकादमी, दिल्ली के पूर्व उपसचिव ऋषि कुमार शर्मा ने कहा कि गीत भारतीय काव्य परंपरा की आत्मा है और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। साहित्य अकादमी के सहायक संपादक डॉ. सुशील द्विवेदी ने कहा कि भारतीयता, छंद और मौलिक संवेदना से ही श्रेष्ठ गीत का सृजन संभव है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं शायर-गीतकार शिवकुमार बिलगरामी ने सावन और भगवान शिव पर आधारित अपनी चर्चित रचनाओं का ओजस्वी पाठ कर खूब सराहना बटोरी। वहीं, डॉ. ओंकार त्रिपाठी ने कहा कि “जब गद्य और कविता भी अपनी अभिव्यक्ति में असमर्थ हो जाएं, तब गीत जन्म लेता है।”
गोष्ठी में डॉ. राजीव कुमार पांडेय, विनय विक्रम सिंह ‘मनकही’, नेहा वैद, नीना सहर, पीयूष कांति, नरेंद्र मस्ताना, डॉ. ईश्वर सिंह, डॉ. संजीव शर्मा, शोभा सचान, डी.पी. सिंह तथा शैलजा सिंह सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। पूरे आयोजन के दौरान सभागार तालियों की गूंज और गीतों की मधुर रसधारा से सराबोर रहा। साहित्य प्रेमियों ने इसे दिल्ली में लंबे समय बाद आयोजित एक सफल एवं गरिमामय विशुद्ध गीत गोष्ठी बताया।
