हाईकोर्ट के आदेश का असर: अब हर सोसायटी के नोटिस बोर्ड पर होगा पूरा आदेश
डिप्टी रजिस्ट्रार ने गाजियाबाद-गौतमबुद्धनगर की सभी AOA/ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को जारी किए निर्देश
7 दिन में फोटो सहित देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
NEWS1UP
एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 12 अगस्त 2026 के महत्वपूर्ण आदेश के अनुपालन में डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स ने अपने क्षेत्राधिकार की सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों की AOA को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति सोसायटी के मुख्य नोटिस बोर्ड पर तत्काल अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए और इसकी जानकारी सोसायटी के सभी व्यक्तिगत अपार्टमेंट ओनर्स, निर्वाचित सदस्यों एवं प्रबंधन बोर्ड तक पहुंचाई जाए।
7 कार्यदिवस में फोटो सहित अनुपालन रिपोर्ट
डिप्टी रजिस्ट्रार के निर्देश के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश की प्रति नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के बाद चस्पा की गई प्रति की फोटो सहित अनुपालन रिपोर्ट 7 कार्यदिवस के भीतर डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। यानी अब महज आदेश की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उसके सार्वजनिक प्रदर्शन का प्रमाण भी देना होगा।
अवमानना हुई तो प्रबंधन समिति होगी जिम्मेदार
डिप्टी रजिस्ट्रार ने अपने पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी है कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं करना न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आएगा और इसके लिए संबंधित एसोसिएशन की प्रबंध समिति को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। यह चेतावनी सोसायटी प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निवासियों को भी मिलेगा आदेश देखने और टिप्पणी देने का अवसर
हाईकोर्ट के मूल आदेश में डिप्टी रजिस्ट्रार को अपने क्षेत्राधिकार की सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में आदेश प्रसारित करने और प्रत्येक सोसायटी के नोटिस बोर्ड पर उसकी प्रति चस्पा कराने का निर्देश दिया गया था। इसका उद्देश्य अपार्टमेंट ओनर्स, निर्वाचित सदस्यों, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट और अन्य संबंधित लोगों को कोर्ट के सामने उठाए गए मुद्दों पर अपनी टिप्पणी एवं सुझाव देने का अवसर उपलब्ध कराना है।
क्लॉज-12: हाईकोर्ट का सीधा निर्देश, अब हर सोसायटी में सार्वजनिक होगा आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 अगस्त के आदेश के क्लॉज-12 में डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स, गाजियाबाद को अपने क्षेत्राधिकार की सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में आदेश की प्रति प्रसारित करने और प्रत्येक सोसायटी के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराने का निर्देश दिया है।
इसका उद्देश्य अपार्टमेंट ओनर्स, निर्वाचित सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों को आदेश में उठाए गए मुद्दों पर अपनी टिप्पणियां व सुझाव देने का अवसर देना है। सुझाव डिप्टी रजिस्ट्रार या सीधे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (कम्प्लायंस) को भेजे जा सकते हैं।
यह आदेश एल्डेको आमंत्रण अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, रिट-सी संख्या 31784/2026 में न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की पीठ द्वारा 12 अगस्त 2026 को पारित किया गया था। हाईकोर्ट ने सोसायटी प्रबंधन के कार्यकाल, चुनाव में देरी, सदस्यों के मतदान अधिकार तथा प्रशासनिक व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।

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