दिल्ली में अब मिलेगा ‘प्रीमियम’ शराब का अनुभव: अब नहीं जाना पड़ेगा नोएडा या गुरुग्राम!

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AI इमेज (शराब सेहत के लिए हानिकारक है)

आबकारी विभाग ने जारी की 98 वेंड्स की सूची

P-10 परमिट से पार्टी में परोसें स्टाइल और कानून, दोनों!

NEWS1UP

नई दिल्ली: दिल्ली के शराब प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब राजधानी में प्रीमियम और हाई-एंड शराब ब्रांड खरीदना आसान हो गया है। आबकारी विभाग ने शहर में 98 “पसंदीदा वेंड्स” (Preferred Vends) की सूची जारी की है, जहाँ सभी लोकप्रिय ब्रांड एक ही जगह उपलब्ध रहेंगे।

विभाग का कहना है कि यह कदम न केवल ग्राहकों को बेहतर सुविधा देगा, बल्कि सरकार के राजस्व में भी इज़ाफ़ा करेगा।

 क्या है P-10 परमिट?

त्योहारी और शादी के मौसम में शराब की खपत तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति शादी, पार्टी या अन्य निजी आयोजन में शराब परोसना चाहता है, तो उसे P-10 परमिट लेना होगा।

  • निजी पार्टियों के लिए शुल्क: 10,000 रूपये 

  • फार्महाउस, बैंक्वेट हॉल या मोटल के लिए: 15,000 रूपये 

  • खरीदारी सीमा: अधिकतम तीन वेंड्स से शराब खरीदी जा सकती है

विभाग के एक वरिष्ठ ‘अधिकारी के मुताबिक’ –

“लोग बिना परमिट पार्टी में शराब परोसते हैं जिससे सरकार को नुकसान होता है। आबकारी टीम ऐसे आयोजनों पर नज़र रखती है, और बिना लाइसेंस शराब परोसने वालों पर कार्रवाई की जाती है।”

AI इमेज (शराब सेहत के लिए हानिकारक है)

 अब ऐप से करें जांच: e-आबकारी आपकी मदद में

ग्राहक अब e-Abkari मोबाइल ऐप या आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के ज़रिए यह देख सकते हैं कि किस वेंड पर कौन-कौन से ब्रांड और कितनी मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है।

इससे खरीदारों को पहले से ही जानकारी मिल जाएगी कि उनकी मनपसंद ब्रांड किस दुकान पर मौजूद है।

 शादी और त्योहारों में बढ़ी मांग

दशहरा से लेकर नए साल तक का समय दिल्ली में शराब की बिक्री के लिए पीक सीज़न माना जाता है। अधिकारी बताते हैं कि इस दौरान लोग त्योहारों और छुट्टियों से पहले ही शराब का स्टॉक जमा कर लेते हैं।

“शादी और त्योहारों के मौसम में बिक्री दोगुनी हो जाती है। अब विभाग चाहता है कि लोग दिल्ली के अंदर ही इन प्रीमियम वेंड्स से खरीदारी करें,” – ‘अधिकारी के मुताबिक’ 

 सरकार का लक्ष्य: 7,000 करोड़ रूपये का राजस्व

आबकारी विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 7,000 रूपये करोड़ का लक्ष्य रखा है।
अब तक लगभग 3,000 रूपये करोड़ का राजस्व हासिल किया जा चुका है यानी कुल लक्ष्य का करीब 43% पूरा हुआ है

इन प्रीमियम वेंड्स के ज़रिए सरकार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में बिक्री और टैक्स कलेक्शन दोनों में उछाल आएगा।

 दिल्लीवालों के लिए अब ‘लक्ज़री’ शॉपिंग अनुभव

जो लोग अब तक नोएडा या गुरुग्राम जाकर महंगे ब्रांड खरीदते थे, उन्हें अब राजधानी से बाहर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। दिल्ली के एक अल्कोहल यूजर ने नाम न छपने की शर्त पर बताया था कि अच्छे ब्रांड की शराब के लिए उन्हें पिछले काफी समय से नोएडा या गुरुग्राम जाना पड़ रहा था। लेकिन सरकार की इस पॉलिसी बाद उनके लिए आसानी हो गयी है, उनके मुताबिक यह सही कदम है और इससे कानूनी रूप से शादी, पार्टियों में अब बिना किसी टेंशन के व्हिस्की/वाइन को एन्जॉय किया जा सकता है। 

नई व्यवस्था के तहत दिल्ली में ही उपलब्ध होंगी:

हाई-एंड व्हिस्की, वाइन और स्कॉच
लोकप्रिय इंपोर्टेड ब्रांड्स
बेहतर सेवा और स्टॉक की गारंटी

सरकार की इस पॉलिसी बाद दिल्ली में शराब खरीदने का अनुभव अब पूरी तरह बदलने वाला है, अब यह कानूनी, सुविधाजनक और रॉयल स्टाइल में होगा! 

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