February 12, 2026

जयपुरिया ग्रीन्स टाउनशिप में करवा चौथ का पर्व: श्रद्धा, उल्लास और प्रेम का संगम

0
84
0

 सुहागिनों ने अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना करते हुए मनाया निर्जला व्रत 

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। जयपुरिया ग्रीन्स टाउनशिप की दिव्यांश ओनिक्स और सफायर सोसायटी में करवा चौथ का पर्व इस वर्ष भी बड़ी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। पूरा वातावरण भक्ति और सौंदर्य से सराबोर था। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, खुशहाल दांपत्य जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा। दिनभर महिलाओं ने व्रत की पवित्रता और अनुशासन को निभाते हुए शाम को सामूहिक पूजा में हिस्सा लिया।

सजधज कर निकलीं सुहागिनें

शाम ढलते ही सोसायटी के प्रांगण में रंग-बिरंगे परिधानों और पारंपरिक श्रृंगार से सजी सुहागिन महिलाएं एकत्रित हुईं। हाथों में पूजा की थाल, माथे पर सिंदूर, चूड़ियों की खनक और मेहंदी की महक ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। हर ओर से “करवा चौथ माँ की जय” के जयकारे गूंजने लगे।

महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान से करवा माता की पूजा की। पूजा स्थल को सुंदर फूलों, दीयों और रंगोली से सजाया गया था। कथा वाचन के बाद सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को करवा भेंट कर अखंड सौभाग्य की शुभकामनाएं दीं।

दिव्यांश में व्रती पत्नियों के साथ तस्वीरें खिंचवाते पति

दिव्यांश और सफायर में आयोजन ने बढ़ाई रौनक

दिव्यांश ओनिक्स और सफायर सोसायटी की ओर से इस अवसर पर विशेष सजावट, करवा चौथ थीम पर सेल्फी पॉइंट और संगीत की भी व्यवस्था की गई। बच्चों द्वारा अपनी माताओं के फोटो लेने से माहौल और भी खुशनुमा बन गया। पतियों ने भी अपनी-अपनी पत्नी के साथ तस्वीरें लीं

रात होते ही जब चाँद आसमान में दिखाई दिया, तो महिलाओं ने छलनी से अपने पति का मुख देखा और करवा चौथ का व्रत पूरा किया। चाँद की चाँदनी में हँसी-खुशी और प्रेम का अनुपम दृश्य देखने को मिला।

सफायर में करवा चौथ के पर्व पर व्रती महिलाएं

जीवनसाथी के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक है करवा चौथ: पूजा गर्ग

पूजा गर्ग

करवा चौथ की व्रती महिला पूजा गर्ग ने बताया :

“करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि अपने जीवनसाथी के प्रति प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। हर साल इस दिन का इंतजार बड़ी बेसब्री से रहता है। जब हम सभी महिलाएं मिलकर पूजा करती हैं, तो एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा और एकता का अनुभव होता है। इस बार तो सोसायटी में इतना सुंदर आयोजन देखकर दिल खुश हो गया। ऐसा लगा जैसे पूरा परिवार एक साथ इस पर्व को मना रहा हो। पूजा गर्ग ने आगे कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजनों से न सिर्फ धार्मिकता बल्कि सामाजिक एकजुटता भी बढ़ती है।”

नीरू चौपड़ा

 नीरू चोपड़ा कहती हैं:

मैं हर साल करवा चौथ का व्रत बड़ी श्रद्धा और खुशी के साथ करती हूँ। इस बार सोसायटी में इतने सुन्दर आयोजन और सभी महिलाओं का उत्साह देखकर मन बहुत खुश हुआ। ऐसा लगता है कि हम सभी मिलकर सिर्फ पूजा नहीं बल्कि अपने रिश्तों की मिठास और परिवार के महत्व को भी जिया रहे हैं।

सुख-शांति और प्रेम का पर्व

करवा चौथ का यह आयोजन नारी शक्ति, प्रेम और आस्था का जीवंत उदाहरण बन गया। हर चेहरे पर चमक, आँखों में उम्मीद और दिल में अटूट विश्वास झलक रहा था। यह पर्व न केवल वैवाहिक जीवन की मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह दर्शाता है कि पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं की जड़ें आज भी उतनी ही गहरी हैं।

मंजू सिंह, शिवानी, अंजलि, सीमा, पूनम, सुधा चौधरी, सपना रावत, अंजू, पूजा गर्ग और नीरू चोपड़ा सहित दर्जनों महिलाओं ने करवा चौथ से जुड़े अपने -अपने संस्मरण साझा किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!