चीन का अमेरिका पर हमला: हर मोड़ पर टैरिफ की धमकी सही तरीका नहीं!
“डबल स्टैंडर्ड” अपना रहा है वाशिंगटन
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बीजिंग। चीन ने रविवार को अमेरिका पर “दोहरा मापदंड” (Double Standards) अपनाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया टैरिफ फैसले की कड़ी आलोचना की। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का बयान “डबल स्टैंडर्ड का एक उदाहरण” है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर 100 प्रतिशत नया टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। यह निर्णय 1 नवंबर से लागू होने वाला है। ट्रंप ने इस कदम को चीन की “अत्यधिक आक्रामक” दुर्लभ खनिज (rare-earth minerals) निर्यात नीतियों के जवाब के रूप में बताया था।
बीजिंग की प्रतिक्रिया
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “अमेरिका बार-बार ऊंचे टैरिफ की धमकी देकर दोनों देशों के बीच आर्थिक वार्ताओं के माहौल को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रहा है।” मंत्रालय ने आगे कहा कि वाशिंगटन के ऐसे कदमों ने सितंबर से अब तक चीन पर आर्थिक दबाव को और बढ़ा दिया है।

“वैध” बताया अपने निर्यात नियंत्रण को
बीजिंग ने अपने रेयर-अर्थ मिनरल्स पर निर्यात नियंत्रण को “वैध और आवश्यक” बताते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि चीन “सभी देशों के साथ निर्यात नियंत्रण पर संवाद और सहयोग को मजबूत करने” के लिए तैयार है ताकि वैश्विक उद्योग और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ट्रंप ने बैठक रद्द करने की चेतावनी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वे इस महीने के अंत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से प्रस्तावित बैठक को रद्द कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि चीन की हाल की नीतियां “अस्वीकार्य” हैं और अमेरिका को “अपने हितों की रक्षा” के लिए सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं।
चीन का पलटवार
चीन के मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हर मोड़ पर टैरिफ की धमकी देना सही तरीका नहीं है। ऐसे कदम आपसी विश्वास और आर्थिक संवाद को कमजोर करते हैं।”
बीजिंग ने अमेरिका से अपील की कि वह “संवाद के रास्ते” पर लौटे और व्यापारिक विवादों को बातचीत से सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ाए।
