एओए और आरडब्ल्यूए पर सख्त हुए डीएम मंदर, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई!
गाजियाबाद में सोसाइटी विवादों की बढ़ती शिकायतों के बीच उच्चस्तरीय समिति गठित
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। हाईराइज/आवासीय सोसाइटियों में एओए (Apartment Owners Association) और आरडब्ल्यूए (Resident Welfare Association) से जुड़ी शिकायतों और बढ़ते विवादों पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदर ने इन मामलों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो सोसाइटियों में बदइंतजामी, लिफ्ट सुरक्षा, वित्तीय अनियमितता और निवासियों के साथ दुर्व्यवहार जैसे मामलों की जांच करेगी।
डीएम मंदर ने बताया कि कुछ एओए सदस्यों द्वारा बाउंसरों का इस्तेमाल कर निवासियों को डराने-धमकाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इस पर उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी-
“यदि किसी निवासी को बाउंसर या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा धमकाया या परेशान किया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
डीएम द्वारा जारी वीडियो सन्देश में कहा गया कि लिफ्ट और अन्य सामान्य सुविधाओं का नियमित रखरखाव अनिवार्य है। उन्होंने एओए पदाधिकारियों को चेताया कि यदि लिफ्ट या किसी अन्य सुविधा में लापरवाही से कोई अप्रिय घटना होती है, तो सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिव सीधे जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
समिति में शामिल होंगे वरिष्ठ अधिकारी
नई गठित समिति की अध्यक्षता सिटी मजिस्ट्रेट करेंगे। इसमें डिप्टी रजिस्ट्रार व सब-रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज, क्षेत्रीय अधिकारी, स्थानीय एसीपी और संबंधित थाना प्रभारी सदस्य होंगे। समिति निवासियों से प्राप्त शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई की सिफारिश करेगी।
डीएम मंदर ने कहा-
“निवासियों के जीवन से समझौता नहीं किया जा सकता। लिफ्ट या अन्य सुविधाओं के रखरखाव में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
गाजियाबाद में करीब 3,000 लिफ्टें उत्तर प्रदेश लिफ्ट अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं, जिसके अनुसार इनकी सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी एओए और मेंटेनेंस एजेंसी की होती है।
लगातार बढ़ रहे विवाद
हाल के महीनों में सोसाइटी विवादों के कई मामले पुलिस तक पहुंच चुके हैं। 6 अक्टूबर को इंदिरापुरम स्थित शिप्रा सन सिटी में एओए चुनाव के दौरान वोट गिनती को लेकर विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। पुलिस ने सोसाइटी के अध्यक्ष समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
इसी तरह, गौड़ होम्स सोसाइटी (गोविंदपुरम) में दिसंबर 2024 में 150 से अधिक निवासियों ने एओए के खिलाफ रैली निकाली थी। आरोप थे कि समिति छह वर्षों से आम सभा नहीं बुला रही, रखरखाव में लापरवाही बरत रही और वित्तीय पारदर्शिता नहीं रख रही है।
डीएम की चेतावनी: ईमानदारी से करें कार्य, नियमों का पालन करें
जिलाधिकारी ने सभी एओए पदाधिकारियों से अपील की कि वे निजी स्वार्थ छोड़कर निवासियों की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दें।
“ईमानदारी और समर्पण के साथ दायित्व निभाएं। नियमों का अक्षरशः पालन करें, यही आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”
