February 9, 2026

गाजियाबाद फिर बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, घटती हवा की रफ्तार और बढ़ती धूल ने बिगाड़ा हाल!

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हवा थमी, धूल उड़ी और सांसें हुईं भारी!

NEWS1UP

संवाददाता

गाज़ियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। गाज़ियाबाद एक बार फिर देश के सबसे प्रदूषित शहर के रूप में दर्ज हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी शुक्रवार के एअर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बुलेटिन के अनुसार, शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 306 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

इससे पहले 14 अक्टूबर को गाज़ियाबाद का AQI 271 तक पहुंच गया था, जो उस दिन देश में सबसे अधिक था। इसके बाद 16 अक्टूबर को स्थिति और बिगड़ गई, जब यह 307 तक जा पहुंचा। लगातार तीन दिनों तक शहर शीर्ष प्रदूषित शहरों में रहा, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैप-1 (GRAP-I) लागू कर दिया।

 धीमी हवाओं और धूल से बढ़ा प्रदूषण

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित कुमार के अनुसार,

“क्षेत्र में हवा की गति बहुत धीमी होने से प्रदूषक कणों का फैलाव नहीं हो पा रहा है। गाज़ियाबाद में प्रमुख प्रदूषक PM10 है, जो सड़कों की धूल और बढ़ते वाहन प्रदूषण के कारण बढ़ता है। त्योहारों के मौसम में यह और बढ़ जाता है।”

उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से पानी का छिड़काव, मशीनों से सड़क सफाई, और प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवा जैसे उपाय किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार बढ़ने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

File photo

 नोएडा और ग्रेटर नोएडा भी नहीं बचे पीछे

शुक्रवार को नोएडा का AQI 278 और ग्रेटर नोएडा का 246 दर्ज किया गया। नोएडा ने 15 अक्टूबर को देश का सबसे प्रदूषित शहर बनते हुए 318 AQI दर्ज किया था।

औसत AQI में सुधार, पर स्थिति अब भी गंभीर

यू.पी. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, गाज़ियाबाद की औसत वार्षिक वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार तो हुआ है, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक है।

वर्ष गाज़ियाबाद AQI नोएडा AQI
2022 206 199
2023 181 188
2024 176 184

 स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में भी फिसला शहर

सितंबर में जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में गाज़ियाबाद 48 बड़े शहरों में 12वें स्थान पर रहा था। जबकि 2024 में यह 18वें स्थान पर था। यह गिरावट दर्शाती है कि शहर को अभी लंबा रास्ता तय करना है।

क्या है AQI स्केल?

  • 0–50: अच्छा (Good)

  • 51–100: संतोषजनक (Satisfactory)

  • 101–200: मध्यम (Moderate)

  • 201–300: खराब (Poor)

  • 301–400: बहुत खराब (Very Poor)

  • 401–450: गंभीर (Severe)

  • 450 से ऊपर: अति गंभीर (Severe Plus)

 जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण नियंत्रण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है। नागरिकों को भी वाहन साझा करने, निर्माण स्थलों को ढंकने, और खुले में कचरा जलाने से बचना चाहिए। त्योहारों में सजगता और संयम ही स्वच्छ वायु की पहली सीढ़ी है।

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