भाई दूज: जयपुरिया ग्रीन्स, गोल्फ लिंक्स, महागुनपुरम, क्रॉसिंग रिपब्लिक और राजनगर एक्सटेंशन में पूरे दिन छाई रही उत्सव की रौनक!

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भाई दूज पर गाजियाबाद की सोसायटियों में झलका भाई-बहन का अटूट प्यार

रुचिरा सफायर से धानवी और आरुष

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

गाजियाबाद। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और अटूट स्नेह का प्रतीक पर्व भाई दूज गुरुवार को गाजियाबाद में बड़े ही धूमधाम, हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख इलाकों में पारंपरिक परिधानों में सजे लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते नज़र आए।

एनएच-9 से सटे प्रमुख आवासीय क्षेत्रों, जयपुरिया ग्रीन्स, गोल्फ लिंक्स, महागुनपुरम, आदित्य वर्ल्ड सिटी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटियों में सुबह से ही त्योहार का माहौल चहुँओर फैला रहा। बहनों ने तड़के ही अपने घरों की साफ-सफाई कर सुंदर रंगोली बनाई, पूजा की थाल सजाई और आरती के दीप प्रज्वलित किए। मिठाइयों की खुशबू के संग-संग घर-घर से उत्सव की रौनक झलकने लगी।

महागुनपुरम से वारया और वासु

टीका का शुभ मुहूर्त शुरू होते ही उमंग से भर उठा माहौल

जैसे ही टीका का शुभ मुहूर्त शुरू हुआ, बहनों ने पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर अपने भाइयों के माथे पर तिलक किया, आरती उतारी और मिठाई खिलाई। इस दौरान कई घरों में भावनात्मक पल देखने को मिले, जब लंबे समय बाद मिलने वाले भाई-बहन एक-दूसरे को गले लगाते नज़र आए।

रुचिरा सफायर की निवासी मंजू सिंह ने कहा-

मंजू सिंह

भाई दूज हमारे लिए सिर्फ एक रीति-रिवाज नहीं, बल्कि भावनाओं का पर्व है। इस दिन बचपन की यादें ताज़ा हो जाती हैं, जब हम सब एक साथ मिलकर खेलते, झगड़ते और हंसते थे।

भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार स्वरूप कपड़े, आभूषण, मिठाइयाँ, परफ्यूम और गिफ्ट हैम्पर दिए। कुछ परिवारों ने इस अवसर पर सामूहिक भोज का आयोजन भी किया, जहाँ सभी ने एक साथ भोजन कर त्योहार की मिठास को दोगुना कर दिया।

अपने भाई और भाभी के साथ मंजू सिंह

बच्चों में दिखा अलग जोश, सोसायटियों में हुई सांस्कृतिक झलकियाँ

महागुनपुरम और आदित्य वर्ल्ड सिटी की सोसायटियों में छोटे-छोटे बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक इस पर्व में हिस्सा लिया। नन्ही बहनों ने अपने छोटे भाइयों को चॉकलेट और मिठाई से टीका लगाया, तो भाइयों ने उन्हें प्यारे गिफ्ट्स और खिलौने दिए। कई सोसायटियों में भाई दूज स्पेशल कल्चरल प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जहाँ बच्चों ने नृत्य, कविता पाठ और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से इस पर्व के महत्व को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। क्रॉसिंग रिपब्लिक में महिलाओं द्वारा आयोजित “भाई दूज थीम क्विज़” और “म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता” ने सभी का मन मोह लिया।

स्कार्डी ग्रीन में भाई दूज मनाते भाई-बहन

त्योहार के स्वाद में रची बसी परंपरा, घर-घर बनी मिठाइयाँ और व्यंजन

त्योहार का स्वाद बढ़ाने के लिए हर घर में पारंपरिक पकवान बनाए गए। पूड़ी, आलू की सब्जी, कचौड़ी, दाल-चावल और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की खुशबू से पूरा माहौल सुगंधित हो उठा।

सफायर, जयपुरिया ग्रीन्स की गृहिणी वीना माणी ने बताया-

वीना माणी

भाई दूज का दिन हम साल भर इंतजार करते हैं। बहनों के लिए यह सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि अपने भाइयों के प्रति प्रेम जताने का सबसे सुंदर अवसर होता है।

रिश्तों की मिठास और परिवार के महत्व का संदेश देता पर्व

भाई दूज केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह पारिवारिक मूल्यों, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि आधुनिक व्यस्त जीवनशैली में भी रिश्तों की गर्माहट को जीवित रखना कितना ज़रूरी है। राजनगर एक्सटेंशन निवासी सीमा शर्मा ने कहा, “यह पर्व हमें बताता है कि परिवार और रिश्ते ही जीवन की असली संपत्ति हैं। भाई दूज इन रिश्तों को और मजबूत करने का माध्यम है।” दिनभर की रौनक शाम तक बरकरार रही। हर सोसायटी में हंसी-खुशी का माहौल था। रात को लोगों ने दीयों और झालरों से घरों को सजाया और मिल-बांटकर मिठाइयाँ खाईं।

सकार्डी ग्रीन से अमाया और अथर्वा

भाई दूज ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि चाहे जीवन कितना भी व्यस्त क्यों न हो, अपने रिश्तों के लिए समय निकालना ही सच्ची समृद्धि है। भाई-बहन के स्नेह से भरा यह पर्व आने वाले पूरे वर्ष के लिए शुभता, सौहार्द और सकारात्मकता का प्रतीक बन गया।

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