गाजियाबाद को मिला नया विज़न: नंद किशोर कलाल बने विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष!
रामपुर के सफल विकास मॉडल का अनुभव अब गाज़ियाबाद की चुनौतियों के बीच कसौटी पर
सरकार ने एक साथ 46 IAS अफसरों के तबादले किए
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
लखनऊ/गाज़ियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार के मंगलवार देर शाम किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में जहां कई जिलों के कप्तान बदले गए, वहीं गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को भी नया नेतृत्व मिल गया है। रामपुर के मुख्य विकास अधिकारी आईएएस नंद किशोर कलाल को अब गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
सरकार ने एक साथ 46 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया है, लेकिन गाज़ियाबाद में हुई यह नियुक्ति खास मानी जा रही है। वजह साफ है, दिल्ली से सटे इस औद्योगिक शहर में इन्फ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग के बड़े प्रोजेक्ट्स पिछले कुछ महीनों से रफ्तार पकड़ने को बेताब हैं। ऐसे में और एक ऊर्जावान और जमीनी अधिकारी के आने से नई दिशा और नई गति दोनों की उम्मीद बंधी है।

रामपुर से गाज़ियाबाद: विकास प्रशासन में अनुभव का नया अध्याय
नंद किशोर कलाल ने रामपुर में बतौर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रहते हुए ग्रामीण विकास, अमृत सरोवर योजना और स्मार्ट पंचायत मॉडल जैसे प्रोजेक्ट्स पर उल्लेखनीय काम किया था। अब उन्हें ऐसे जिले में जिम्मेदारी मिली है, जहां शहरी चुनौतियाँ और जनअपेक्षाएँ दोनों बेहद ऊँची हैं।
जीडीए के भीतर माना जा रहा है कि कलाल की नियुक्ति से विकास प्राधिकरण की कार्यसंस्कृति में “जवाबदेही और पारदर्शिता” का नया अध्याय शुरू होगा।
अतुल वत्स के कार्यकाल को याद किया जायेगा:

अतुल वत्स की साफ-सुथरी कार्यशैली, आम नागरिकों से संवाद की तत्परता और टीम भावना ने प्राधिकरण में नई ऊर्जा का संचार किया है। ग़ाज़ियाबाद जैसे तेजी से बढ़ते शहर को संतुलित विकास की दिशा में ले जाना उनका सराहनीय योगदान रहा है।
दिल्ली से सटा गाज़ियाबाद: विकास का प्रेशर ज़ोन
गाज़ियाबाद लगातार दिल्ली NCR का सबसे तेज़ी से बढ़ता शहरी इलाका बन चुका है। राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग रिपब्लिक, वसुंधरा और इंदिरापुरम जैसे सेक्टरों में नए निर्माण प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ, ट्रैफिक मैनेजमेंट, जल निकासी, और RERA अनुपालन जैसी चुनौतियाँ भी हैं। ऐसे में GDA के नए उपाध्यक्ष के सामने पहली प्राथमिकता, “जनता के भरोसे और बिल्डरों की जवाबदेही के बीच संतुलन” बनाना होगी।
प्रदेश में बड़े फेरबदल की लहर
मंगलवार को हुए प्रशासनिक फेरबदल में बस्ती, कौशांबी, बलरामपुर, हाथरस और सीतापुर समेत कई जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं।
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राजेश कुमार को विंध्याचल मंडल का कमिश्नर बनाया गया,
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प्रखर सिंह को सीडीओ वाराणसी,
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वंदिता श्रीवास्तव को सीडीओ कुशीनगर,
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हिमांशु नागपाल को वाराणसी नगर आयुक्त,
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और पूर्ण वोहरा को वाराणसी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इन सभी बदलावों में गाज़ियाबाद की नियुक्ति को विशेष माना जा रहा है क्योंकि यह पद राज्य सरकार के प्रमुख शहरी विकास मिशनों से सीधे जुड़ा हुआ है।
नई उम्मीदें, नए समीकरण
GDA के अधिकारियों के मुताबिक, उपाध्यक्ष के रूप में नंद किशोर कलाल के आने से प्राधिकरण के कार्यों में फील्ड विजिट, जनसुनवाई और डिजिटल मॉनिटरिंग को प्राथमिकता मिलेगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा-
“गाज़ियाबाद में विकास योजनाओं का सबसे बड़ा मुद्दा ‘समन्वय’ का रहा है। उम्मीद है कि नए उपाध्यक्ष इस पर फोकस करेंगे और रफ्तार तीव्रता से आगे बढ़ेगी ।”
गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण को अतुल वत्स के बाद एक ऐसा नेतृत्व मिला है जो नीतिगत सोच और फील्ड अनुभव दोनों का मेल रखता है। प्रदेश के इस प्रशासनिक फेरबदल में यह नियुक्ति न सिर्फ एक बदलाव है, बल्कि एक संकेत भी, कि यूपी सरकार अब “प्रभावी शहरी प्रबंधन” की नई कहानी लिखना चाहती है।
