February 9, 2026

लैंडक्राफ्ट-गोल्फलिंक्स में दीपदान महोत्सव का भव्य आयोजन: भक्ति, प्रेम और एकता से आलोकित हुआ वातावरण!

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भक्ति, प्रेम और एकता से जगमगाया सम्पूर्ण परिसर

 

 

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। एन एच-9 स्थित गोल्फलिंक्स की लैंडक्राफ्ट सोसाइटी  में बीती रात्रि एक ऐसा दृश्य साकार हुआ, जिसने हर हृदय को भक्ति और आनंद से भर दिया। सम्पूर्ण कार्तिक मास के दौरान श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया दीपदान महोत्सव अपनी पराकाष्ठा पर पहुँचा जब रास पूर्णिमा के पावन अवसर पर दो हजार से अधिक भक्तों ने एक साथ दीप प्रज्वलित किए, मानो धरती पर सितारों की वर्षा हो रही हो।

हवा में गूंजता हुआ हरिनाम संकीर्तन, दीपों की मृदुल लौ, और भक्तों के चेहरे पर झलकती आस्था, यह सब मिलकर एक ऐसा वातावरण बना रहे थे जहाँ भक्ति केवल भावना नहीं, बल्कि जीवन की धारा बन गई थी। गोल्फलिंक्स का यह दीपदान महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, यह एक सांस्कृतिक उत्सव, एक सामुदायिक संगम, और एक आध्यात्मिक प्रेरणा बन गया।

इस दिव्य अवसर पर एच.जी. गोविंद मोहन दास जी ने अपनी मधुर और हृदयस्पर्शी श्रीकृष्ण कथा के माध्यम से जनसमूह को कृष्ण प्रेम में सराबोर कर दिया। उनकी वाणी में न केवल कथा की गहराई थी, बल्कि भक्ति का वह अमृत भी था जिसने हर श्रोता के अंतःकरण को आलोकित कर दिया।

जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे वातावरण और भी मधुर होता चला गया, कहीं ताल पर झूमते भक्त, कहीं श्रद्धा से झुके सिर, कहीं आंखों से बहते आनंदाश्रु। भक्ति की यह सरिता पूरे परिसर में बह रही थी।

यह महोत्सव हमें जोड़ता है, ऊर्जावान बनाता है: प्रीति बेदी

आयोजन में प्रीति बेदी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था और समन्वय में सक्रिय योगदान दिया।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा-

“दीपदान महोत्सव केवल पूजा-अर्चना का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज को जोड़ने का माध्यम है। जब सैकड़ों दीप एक साथ जलते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे हर व्यक्ति अपने भीतर की ज्योति को प्रज्वलित कर रहा हो। यह आयोजन हमें सेवा, एकता और सकारात्मकता की ऊर्जा से भर देता है।”

महोत्सव की भव्यता के पीछे दर्जनों नहीं, बल्कि सैकड़ों सेवकों का निःस्वार्थ परिश्रम था। सेवा समिति में एच.जी. विश्विष्ठ कृपा दास, एच.जी. विष्णुप्रिया दास, एच.जी. विश्विष्ठ अमृत दास, एच.जी. विक्रमी अच्युत्य दास, एच.जी. दिव्यरूप दामोदर दास, एच.जी. धामेश्वर मनोहर दास और एच.जी. अमल भक्त दास जी का समर्पित योगदान आयोजन की रीढ़ साबित हुआ। उनके नेतृत्व और सेवा भावना से ही यह दीपोत्सव हर दृष्टि से सफल और यादगार बना। दीपदान के साथ जब आकाश में दीयों की आभा चमकी, तो ऐसा लगा मानो स्वयं वृन्दावन का वात्सल्य गोल्फलिंक्स में उतर आया हो। हर दीप, हर भजन, हर मुस्कान एक ही संदेश दे रहे थे-

जहाँ भक्ति है, वहाँ एकता है, जहाँ सेवा है, वहाँ प्रकाश है

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