राजनगर एक्सटेंशन की समस्याओं पर निवासियों की खुली आवाज़: कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा से की ‘चाय पर चर्चा’ में बिल्डरों की मनमानी पर शासन की दखल की मांग!
चर्चा में निवासियों ने रखीं कई अहम मांगें
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों की लगातार बढ़ती समस्याओं को लेकरबीते शुक्रवार को ‘चाय पर चर्चा’ का आयोजन किया गया। इस चर्चा का नेतृत्व क्षेत्र के पूर्व पार्षद संजीव त्यागी ने किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा उपस्थित रहे। सभा में क्षेत्र की विभिन्न सोसाइटियों से सैकड़ों निवासी शामिल हुए और अपनी-अपनी समस्याएँ रखीं।

सभा में राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों ने साफ कहा कि क्षेत्र की तेज़ी से बढ़ती आबादी के बावजूद बुनियादी सुविधाएँ अब भी अधूरी हैं। क्लासिक रेजीडेंसी के निवासी प्रशांत सरैया ने क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी को बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि “राजनगर एक्सटेंशन में रोज़ाना हज़ारों लोग दिल्ली-नोएडा या मेरठ आते-जाते हैं, पर सार्वजनिक परिवहन की उचित व्यवस्था न होने से निजी गाड़ियों पर निर्भर रहना पड़ता है। केडीपी ग्रैंड सवाना के निवासी कैप्टन गोपाल सिंह ने साफ-सफाई और गृहकर (हाउस टैक्स) की समस्या उठाई। उनका कहना था कि “निगम कर तो वसूलता है, लेकिन क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बदहाल है।”
ब्रेव हार्ट्स सोसाइटी के दीपांशु मित्तल ने-
पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और पार्कों के अभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हरियाली खत्म हो रही है, जबकि सरकार ‘हर घर हरित’ का नारा दे रही है।
गौर कैस्केड के निवासी पुनीत गोयल ने बिल्डरों की मनमानी और शासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “राजनगर एक्सटेंशन में बिल्डर लॉबी अपनी मनमानी पर उतारू है, कब्जा देने के बाद रखरखाव और सुविधाओं से मुंह मोड़ लेती है, और प्राधिकरण की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। गुलमोहर गार्डन के अवधेश मित्तल ने खैतान और प्री-सीडीएम स्कूल को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण की पुरानी मांग को दोहराया।
इसके अलावा, निवासियों ने पोस्ट ऑफिस, डिस्पेंसरी और सामुदायिक केंद्र जैसी आवश्यक सुविधाओं की भी मांग रखी।
विधायक सुनील शर्मा ने दिया समाधान का आश्वासन

बैठक में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने निवासियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि “राजनगर एक्सटेंशन गाज़ियाबाद का उभरता हुआ क्षेत्र है, यहाँ की सुविधाओं को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”उन्होंने घोषणा की कि विधायक निधि से क्षेत्र की सभी प्रमुख सोसाइटियों में ‘ओपन जिम’ लगाए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
पूर्व पार्षद संजीव त्यागी ने भी बताया कि आने वाले कुछ महीनों में क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण शुरू होने जा रहा है और शासन-प्रशासन के स्तर पर बिल्डरों की जवाबदेही तय करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
अडिग सवाल!
राजनगर एक्सटेंशन के लोग वर्षों से यह सवाल उठाते आए हैं कि बिल्डर लॉबी की अनियमितताओं पर गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) का रवैया ढीला क्यों है। निवासियों का कहना है कि निगम टैक्स तो वसूलता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर क्षेत्र को नज़रअंदाज़ करता है। एक निवासी ने कहा, “हमें टाउनशिप नहीं, एक उपेक्षित कॉलोनी जैसा व्यवहार झेलना पड़ता है। सड़कें टूटी हैं, नालियां गंदगी से भरी हैं और सार्वजनिक परिवहन लगभग न के बराबर है।”
राजनगर एक्सटेंशन की यह सभा केवल शिकायतों का मंच नहीं थी, बल्कि यह जनता और शासन के बीच संवाद की नई शुरुआत साबित हुई। स्थानीय निवासी उम्मीद जाता रहे हैं कि मंत्री जी के हस्तक्षेप से स्थानीय प्रशासन हरकत में आएगा!
