February 9, 2026

फरीदाबाद में तबाही का एक और जखीरा, आतंकी नेटवर्क बेनकाब!

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2,563 किलो विस्फोटक! डॉक्टर-मौलाना कनेक्शन का खुलासा

NEWS1UP

विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली/फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद जिले में आतंक के नेटवर्क का एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने फतेहपुर तगा गांव में एक मकान से 2,563 किलो संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ बरामद किया है। यह जखीरा इतना बड़ा था कि इसे उठाने के लिए पुलिस को ट्रक मंगवाना पड़ा। शुरुआती जांच में यह विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट बताया जा रहा है।

धौज के बाद फतेहपुर में भी विस्फोटक बरामद

फरीदाबाद पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई सुबह से ही चल रही थी। जांच में पता चला कि यह मकान डॉ. मुजम्मिल शकील ने एक मौलाना इस्ताक से किराये पर लिया था। पुलिस ने मौलाना को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। यह घर धौज से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

गौरतलब है कि इससे पहले धौज क्षेत्र से पुलिस ने 360 किलो विस्फोटक, 20 टाइमर, वॉकी-टॉकी और असॉल्ट राइफलें बरामद की थीं। उसी मामले में दो डॉक्टर, डॉ. आदिल अहमद राठर और डॉ. मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार किया गया था।

डॉक्टर’ और ‘मौलाना’ का नेटवर्क

सूत्रों के अनुसार, डॉ. मुजम्मिल ने फतेहपुर तगा में मौलाना इस्ताक के मकान को किराए पर लेकर वहां विस्फोटक सामग्री छिपा रखी थी। पुलिस को संदेह है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी हमले के लिए किया जाना था। मौलाना की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनकी जांच खुफिया एजेंसियां कर रही हैं।

डॉ. मुजम्मिल फरीदाबाद की अल फलह यूनिवर्सिटी में मेडिकल फैकल्टी में कार्यरत था। वहीं उसका सहयोगी डॉ. आदिल अहमद, जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के सरकारी अस्पताल में सीनियर डॉक्टर था। आदिल के जैश-ए-मोहम्मद समर्थक पोस्टर लगाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ी थी, जिसके बाद इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

सहारनपुर से शुरू हुआ सुराग

6 अक्टूबर को सहारनपुर से डॉ. आदिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई अहम सुराग मिले। उसकी निशानदेही पर ही डॉ. मुजम्मिल पकड़ा गया, और फरीदाबाद में धौजफतेहपुर तगा में तबाही का सामान बरामद किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह विस्फोटक जखीरा पूरे शहर को दहलाने के लिए पर्याप्त था।

महिला डॉक्टर की कार से भी हथियार बरामद

जांच के दौरान एक महिला डॉक्टर की कार से असॉल्ट राइफल, पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार डॉ. मुजम्मिल के एक सहयोगी के नाम पर रजिस्टर्ड है, जो फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं। फिलहाल महिला डॉक्टर से भी गहन पूछताछ की जा रही है।

अब तक 7 संदिग्ध एजेंसियों की रडार पर

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस आतंकी साजिश में अब तक 7 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें कई शिक्षित युवा और मेडिकल प्रोफेशनल्स शामिल हैं। पुलिस और NIA मिलकर इस पूरे मॉड्यूल की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी हैं।

जांच एजेंसियों की चुनौती

फतेहपुर तगा और धौज में मिले विस्फोटकों से यह स्पष्ट है कि आतंकी संगठन अब ‘ब्रेनवॉश्ड प्रोफेशनल्स’ को इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनकी सामाजिक और पेशेवर पहचान उन्हें कम संदिग्ध बनाती है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह नया पैटर्न एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद विस्फोटक और हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

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