जेवर एयरपोर्ट उड़ान को तैयार: टाटा प्रोजेक्ट्स ने कहा, प्रधानमंत्री के उद्घाटन के लिए लगभग तैयार, बस DGCA मंज़ूरी का इंतज़ार!
कंपनी ने कहा: निर्माण कार्य लगभग पूरा
अब DGCA की मंज़ूरी की प्रक्रिया जारी
NEWS1UP
प्रभात अरोड़ा
नोएडा। देश की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है। एयरपोर्ट निर्माण का कार्य संभाल रही टाटा ग्रुप की इंफ्रास्ट्रक्चर शाखा टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने गुरुवार को कहा कि एयरपोर्ट जल्द ही संचालन के लिए तैयार हो जाएगा। कंपनी के अनुसार, अब कार्य का फोकस निर्माण से हटकर नियामकीय (regulatory) स्वीकृतियों पर केंद्रित है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक विनायक पाई ने प्रेस वार्ता में बताया-
“नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के साथ मिलकर सुरक्षा व संचालन से जुड़ी मंजूरियाँ, यानी एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। अब यह अधिकतर नियामकीय अनुमोदन का चरण है, जबकि निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। हमारा प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री के उद्घाटन के लिए लगभग तैयार है।”
उन्होंने संकेत दिया कि एयरपोर्ट “बहुत जल्द” आम जनता के लिए खुल सकता है।

43,000 करोड़ तक का मजबूत ऑर्डर बुक
विनायक पाई ने बताया कि टाटा प्रोजेक्ट्स अपने ऑर्डर बुक को 40,000 करोड़ से 43,000 करोड़ रुपये की सीमा में बनाए रखने पर केंद्रित है। कंपनी अब फोर्थ जनरेशन मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक सेमीकंडक्टर उत्पादन, सोलर पैनल निर्माण और डेटा सेंटर जैसी उभरती तकनीकी परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।
उन्होंने कहा,
“हमारी नई परियोजनाओं का औसत पूरा होने का समय घटकर अब 18 महीने से दो साल रह गया है। हम तेज़ और विश्वसनीय प्रोजेक्ट डिलीवरी के लिए जाने जाते हैं और इस ‘फास्ट ट्रैक’ प्रतिष्ठा को बनाए रखना हमारा लक्ष्य है।”
कोविड-पूर्व परियोजनाओं से हुआ नुकसान, अब मुनाफे की ओर बढ़त
वित्तीय वर्ष 2023-24 में कंपनी को 751 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। इस पर बोलते हुए पाई ने स्पष्ट किया-
“ये नुकसान उन पुरानी परियोजनाओं का संचयी प्रभाव हैं जो कोविड के दौरान या उससे पहले शुरू हुई थीं। अब वे परियोजनाएँ समाप्ति की ओर हैं। नई परियोजनाओं का पोर्टफोलियो लाभकारी है और अगले वित्त वर्ष से कंपनी के नतीजों में इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।”
प्रौद्योगिकी आधारित निर्माण की दिशा में अग्रसर
टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड एक तकनीक-प्रेरित इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है, जो सेमीकंडक्टर फेसेलिटीज़, गीगा फैक्ट्रीज़, डेटा सेंटर आदि के लिए तैयार-टू-डिप्लॉय समाधान प्रदान करती है। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य इसके लिए एक माइलस्टोन प्रोजेक्ट साबित हुआ है, न केवल देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक के रूप में, बल्कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग क्षमता और तकनीकी दक्षता के प्रतीक के रूप में भी।
