कार्यकाल खत्म, खाते सीज़: राजनगर एक्सटेंशन की सोसाइटी में मचा हड़कंप!

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DM की विशेष समिति सक्रिय

डिप्टी रजिस्ट्रार की कार्रवाइयों में तेजी

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी एड्रेस सोसाइटी इन दिनों एक बड़े प्रशासनिक फैसले की वजह से सुर्खियों में है। पहली बार सोसाइटी के कालातीत हो चुके अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के सभी बैंक खातों को चुनाव अधिकारी द्वारा अचानक फ्रीज़ कर दिया गया है। यह कदम उस समय उठा जब सोसाइटी में नई कार्यकारिणी के चुनाव की आहट तेज़ हो चुकी है और निवासियों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुँच रही थीं।

कार्यकाल खत्म, मगर फैसले जारी!

वीवीआईपी एड्रेस सोसाइटी के AOA का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद पुरानी समिति द्वारा बैंक खातों का संचालन, भुगतान और निर्णय लिए जाने का मुद्दा विवाद का कारण बन गया। कई फ्लैट मालिकों ने आरोप लगाया कि “बिना वैध अधिकार” भुगतान किए जा रहे हैं।
शिकायतें बढ़ीं तो डिप्टी रजिस्ट्रार ने हस्तक्षेप कर चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की और फिर वही हुआ जो किसी ने सोचा भी नहीं था, चुनाव अधिकारी ने तत्काल बैंक मैनेजर को लिखित आदेश भेजकर सभी खाते सीज़ करा दिए।

अब एक रुपये की भी एंट्री संभव नहीं

जारी आदेश साफ़ कहता है कि नई कार्यकारिणी बनने तक खातों से कोई भी भुगतान, निकासी या चेक जारी नहीं किया जा सकता। अब हर वित्तीय कार्रवाई केवल चुनाव अधिकारी की लिखित अनुमति से ही संभव होगी। निवासियों के अनुसार यह कदम चुनाव से पहले धन के संभावित दुरुपयोग को रोकने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।

चुनाव की उलटी गिनती शुरू

चुनाव अधिकारी अल्प समय में मतदान की तारीख जारी करने वाले हैं। सोसाइटी में अब माहौल पूरी तरह चुनावी हो चला है। एक ओर निवासी इस कदम को “पारदर्शिता की दिशा में सख्त और ज़रूरी पहल” बता रहे हैं, वहीं पुराने AOA सदस्य इसे “अनावश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप” कहकर सवाल उठा रहे हैं।

DM के विशेष आदेशों के बाद तेज़ हुई कार्रवाई

ध्यान देने वाली बात यह है कि DM रविंद्र कुमार मांदड़ द्वारा हाल ही में ज़िले में AOA और RWA से जुड़े विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। इसी के बाद डिप्टी रजिस्ट्रार के कार्यालय की गतिविधियाँ अचानक तेज़ हुई हैं और लगातार आदेश जारी किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विशेष समिति ऐसे मामलों की मॉनिटरिंग कर रही है, और इसी वजह से सोसाइटी मामलों में प्रशासन और भी अधिक सजग व सक्रिय दिखाई दे रहा है।

अकॉउंट सीज़ करने का अधिकार डिप्टी रजिस्ट्रार को: AOA प्रेसिडेंट 

सोसाइटी के एओए अध्यक्ष यज्ञदत्त त्यागी कहते हैं कि चुनाव के समय ऐसी कार्यवाही कोई नयी बात नहीं है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि बैंक अकॉउंट सीज़ करने का अधिकार डिप्टी रजिस्ट्रार का है न कि चुनाव अधिकारी का, सोसायटी की मूल ज़रूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।

भुगतान प्रक्रिया पर पूर्ण रोक और खातों का नियंत्रण चुनाव अधिकारी के हाथ में जाना इस बार चुनाव को अधिक दिलचस्प बना सकता है।

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