ग्रेटर नोएडा को बड़ी सौगात: MMTH–MMLH एलाइंमेंट मंजूर, NCR में बनेगा देश का सबसे आधुनिक ट्रांसपोर्ट–लॉजिस्टिक्स हब

NEWS1UP
संवाददाता
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के 141वें बोर्ड बैठक में दो अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) की अंतिम एलाइंमेंट को स्वीकृति दे दी गई। इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स को मास्टर प्लान 2041 का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे आने वाले वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर की औद्योगिक, परिवहन व लॉजिस्टिक्स तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।
बैठक की अध्यक्षता उद्योग विकास आयुक्त एवं नोएडा–ग्रेटर नोएडा चेयरमैन दीपक कुमार ने की, जबकि अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक कुमार और प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी भी उपस्थित रहे।
MMLH: दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का फ्लैगशिप हब
311 हेक्टेयर में प्रस्तावित यह लॉजिस्टिक्स हब डीएमआईसी के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है। यहाँ विशाल वेयरहाउस, अत्याधुनिक कोल्ड-चेन पार्क, कंटेनर यार्ड, कार्यालय परिसर, बड़े पैमाने के ट्रक टर्मिनल विकसित होंगे।
लक्ष्य एक ऐसा “सिंगल-विंडो लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम” तैयार करना है, जो ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों को देश के पूर्वी–पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर से सीधे जोड़ सके।
इसके लिए बोर्ड ने नए रेल ट्रैक की एलाइंमेंट को भी मंजूरी दे दी है, जो MMLH को न्यू दादरी स्टेशन के पास समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ेगा। लगभग 3 किमी लंबा यह नया रेल स्पर माल-ढुलाई समय में बड़ी कटौती करेगा और समय-संवेदी लॉजिस्टिक्स कंपनियों को आकर्षित करेगा।
सूत्रों के अनुसार, MMLH के लिए वैश्विक निविदा जारी की जा चुकी है और अगले चरण में कंसैशनेयर चयन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
MMTH: एनसीआर का सबसे बड़ा मल्टीमॉडल पैसेंजर इंटरचेंज
117 हेक्टेयर में बन रहा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब वास्तव में एनसीआर का पहला ऐसा कॉम्प्लेक्स होगा जहाँ- अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, स्थानीय बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशन, पूर्ण विकसित रेलवे स्टेशन एक ही स्थान पर निर्मित होंगे।
यह हब दो जोन में विकसित किया जाएगा:
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70 हेक्टेयर- रोड-बेस्ड परिवहन सिस्टम और कमर्शियल जोन
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47 हेक्टेयर- रेलवे स्टेशन व अतिरिक्त व्यावसायिक क्षेत्र
MMTH दिल्ली–हावड़ा रेलवे लाइन पर स्थित होगा तथा दो प्रस्तावित मेगा सड़कों से नॉलेज पार्क-1, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और NH-34 को जोड़ेगा।
अधिकांश पूर्वांचल–बिहार–बंगाल रूट की ट्रेनें यहीं से चलेंगी
अधिकारियों के अनुसार, पूर्व दिशा की लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनें, खासकर पूर्वी यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वाली भविष्य में ग्रेटर नोएडा के इसी आधुनिक MMTH से प्रारंभ की जाएँगी। इससे दिल्ली, नई दिल्ली और आनंद विहार जैसे अत्यधिक व्यस्त स्टेशनों का दबाव काफी कम होगा।
1.8 किमी एलिवेटेड मेट्रो लिंक को मंजूरी
बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी स्थित MMTH तक 1.8 किमी लंबे एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर को भी हरी झंडी दे दी। यह कॉरिडोर 105-मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के साथ चलेगा और MMTH को “अंतिम-मील कनेक्टिविटी” प्रदान करेगा।
यही मेट्रो लिंक पूरे इंटरचेंज को NCR के सबसे बड़े यात्री परिवहन केंद्र के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे MMTH–MMLH
पूर्वाधिकारियों का मानना है कि दोनों परियोजनाओं के मास्टर प्लान 2041 में शामिल होने से औद्योगिक निवेश तेज होगा, भारी-भरकम लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, यात्रियों की आवाजाही बेहद सुगम होगी और क्षेत्र का रियल एस्टेट और रोजगार बाजार तेजी से उभरेगा।
ग्रेटर नोएडा की गिनती देश के प्रमुख परिवहन–लॉजिस्टिक्स हब के रूप में होने की संभावना अब और मजबूत हो गई है।
