February 9, 2026

नई पीढ़ी की नई सोच: दूल्हे ने दहेज में मिले 21 लाख वापस कर किए सभी हैरान!

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दुल्हन का परिवार भावुक

रिश्तेदारों ने जताया सम्मान

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

बागपत। समय बदला है, सोच बदली है, और अब नए दौर के युवा सामाजिक कुरीतियों को चुनौती देने के लिए साहसिक कदम उठाने लगे हैं। उत्तर प्रदेश में दहेज जैसी पुरानी और पीड़ादायक प्रथा के खिलाफ एक बार फिर नई पीढ़ी ने मिसाल पेश की है। बागपत जिले में तिलक समारोह के दौरान एक दूल्हे ने न केवल दहेज लेने से इनकार किया, बल्कि दुल्हन के पिता द्वारा दिया गया 21 लाख रुपये का चेक वापस करके समाज के सामने एक सशक्त संदेश भी रखा, विवाह सम्मान का बंधन है, लेन-देन का सौदा नहीं

दूल्हे का अनोखा कदम, भावुक हुआ दुल्हन का परिवार

बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के वाजिदपुर स्थित एक रिसोर्ट में रक्षित राणा का तिलक समारोह आयोजित किया गया था। समारोह के दौरान दुल्हन दिव्या के पिता ने परंपरा के अनुसार 21 लाख रुपये का चेक दूल्हे को भेंट किया। लेकिन जैसे ही रक्षित की नज़र उस चेक पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उसे सम्मानपूर्वक वापस लौटा दिया।

उनके इस कदम से न केवल दुल्हन का परिवार भावुक हो गया, बल्कि समारोह में मौजूद हर व्यक्ति ने तालियों के बीच इस पहल की सराहना की। रक्षित ने साफ शब्दों में कहा कि उनका परिवार दहेज प्रथा के खिलाफ है और किसी भी प्रकार की आर्थिक भेंट स्वीकार करना उनके संस्कारों के खिलाफ है।

विवाह दो परिवारों का संबंध, सौदेबाजी नहीं: रक्षित राणा

प्रतीकात्मक इमेज

रक्षित का कहना था कि उनका परिवार हमेशा से मानता है कि विवाह आपसी विश्वास और सम्मान का बंधन है। यह दो दिलों और दो परिवारों का मिलन है, जिसमें दहेज जैसी कुरीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इसी सोच के चलते उन्होंने तिलक में मिले पैसे लौटाकर समाज को एक सकारात्मक संकेत दिया।

रक्षित ने दुल्हन के परिजनों से भी आग्रह किया कि वे ऐसी प्रथाओं को मिलकर खत्म करने का संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को दहेज जैसी बोझिल परंपराओं से मुक्ति मिल सके।

दुल्हन के पिता बोले: ये पैसे बेटी के भविष्य के लिए रखे थे

दिव्या के पिता ने दूल्हे के इस निर्णय का सम्मान करते हुए कहा कि उन्होंने यह राशि अपनी बेटी के भविष्य के लिए संजोकर रखी थी। लेकिन जब रक्षित और उनके परिवार ने दहेज लेने से स्पष्ट इनकार किया, तो उन्होंने इसे वापस लेना ही उचित समझा।

उन्होंने कहा कि यह कदम रक्षित की सोच, उनके संस्कार और उनके परिवार की सादगी का प्रमाण है। रिश्तेदारों और परिचितों ने भी इस पहल की जमकर तारीफ की।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो, लोग बोले: नई पीढ़ी की सोच

तिलक समारोह का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे दहेज प्रथा के खिलाफ नई पीढ़ी की आवाज बताते हुए सराह रहे हैं। कई टिप्पणीकारों ने कहा कि समाज में बदलाव की शुरुआत ऐसे ही छोटे-छोटे मगर साहसिक कदमों से होती है।

समाज के लिए प्रेरक मिसाल बना यह सगाई समारोह

रक्षित और दिव्या की सगाई अब महज़ एक पारिवारिक आयोजन नहीं रह गई है। यह समाज को दिशा देने वाला एक प्रेरक उदाहरण बन चुका है, जो बताता है कि यदि सोच सकारात्मक हो, तो सदियों पुरानी कुरीतियाँ भी समाप्त की जा सकती हैं।

दहेज प्रथा पर यह करारा प्रहार न सिर्फ परिवर्तन की आहट है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद की किरण भी, कि भविष्य का समाज समानता, सम्मान और प्रेम की बुनियाद पर खड़ा होगा।

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