टोल प्लाज़ा पर जाम से मिलेगी मुक्ति: एक साल में खत्म हो जाएगी मौजूदा टोल व्यवस्था!

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पूरे देश में लागू होगा इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम

NEWS1UP

संवाददाता

नई दिल्ली। देशभर में टोल प्लाज़ा पर लगने वाली लंबी कतारें अब इतिहास बनने जा रही हैं। केंद्र सरकार टोल कलेक्शन की पारंपरिक व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में ऐलान किया कि अगले एक साल के भीतर पूरे देश में नया ‘इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम’ लागू कर दिया जाएगा, जिसके बाद किसी भी वाहन को टोल बूथ पर रुकने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

लोकसभा में बोलते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो)

 टोल पर रुकने की झंझट खत्म

गडकरी ने बताया कि नई प्रणाली का परीक्षण 10 स्थानों पर शुरू किया जा चुका है। अगले 12 महीनों में इसे पूरे देश में विस्तारित कर दिया जाएगा। उनके अनुसार, इस तकनीक के आने के बाद मौजूदा टोल बूथ व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और वाहन बिना रुके इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के ज़रिए टोल भुगतान कर सकेंगे।

 एनपीसीआई का ‘एनईटीसी’ प्रोग्राम: एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग प्रणाली

हाल ही में जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने टोल संग्रह को सुगम और तेज़ बनाने के लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) कार्यक्रम विकसित किया है। यह एक इंटरऑपरेबल प्लेटफॉर्म है जिसके अंतर्गत देशभर में इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान को एक ही नेटवर्क से संचालित किया जाएगा।

 बड़ी सड़क परियोजनाओं पर भी नजर

लोकसभा में मंत्री गडकरी ने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में 10 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 4,500 राजमार्ग परियोजनाएं देशभर में प्रगति पर हैं।

 हाइड्रोजन फ्यूल की तरफ कदम: गडकरी ने दिखाई ‘भविष्य की कार’

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर चर्चा के दौरान गडकरी ने कहा कि सरकार वैकल्पिक ईंधन को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि वह खुद टोयोटा की हाइड्रोजन फ्यूल-सेल कार ‘मिराई’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। जापानी भाषा में ‘मिराई’ का अर्थ है भविष्य, और गडकरी के अनुसार, यह कार आराम के मामले में किसी लक्ज़री मर्सिडीज से कम नहीं है।

 FASTag के बिना वाहनों को मिली राहत

इस साल अक्टूबर में सरकार ने FASTag नहीं रखने या उसके काम न करने की स्थिति में बड़ी राहत दी थी। 15 नवंबर से लागू नई व्यवस्था के तहत-

 नया नियम:

  • FASTag न होने या अमान्य होने पर UPI से भुगतान करने वाले वाहन चालकों को केवल 1.25 गुना टोल देना होगा।

 पुराना नियम:

  • FASTag न होने पर वाहन मालिकों को डबल टोल (2X) कैश में देना पड़ता था।

नई गाइडलाइन जारी करते हुए सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा था कि UPI आधारित भुगतान से चालकों की परेशानी कम होगी और टोल प्लाज़ा पर समय भी बचेगा।

 नए टोल सिस्टम से क्या बदलेगा ?

  • टोल प्लाज़ा पर लगने वाले जाम से निजात

  • समय और ईंधन की बचत

  • एकीकृत डिजिटल टोलिंग व्यवस्था

  • पारदर्शिता और तेज़ ट्रांज़ैक्शन

  • बिना रुके देशभर में सुगम यात्रा


केंद्रीय सरकार का इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग को देशव्यापी स्तर पर लागू करने का निर्णय भारत के राजमार्ग परिवहन को एक नए युग में ले जाएगा। इस प्रणाली के साथ न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में यातायात प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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