यूपी में सड़क सुरक्षा को नई रफ्तार: योगी सरकार ने परिवहन ढांचे के आधुनिकीकरण पर बढ़ाया फोकस!
NEWS1UP December 7, 2025 0
ई-इंफोर्समेंट डिवाइस, सीसीटीवी नेटवर्क और इंटरसेप्टर से होगा सुरक्षित आवागमन
तकनीक से बदलेगा ट्रैफिक प्रबंधन का स्वरूप
हादसों में कमी पर सरकार का फोकस
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विशेष संवाददाता
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा और परिवहन ढांचे का तेज़ी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की कई अहम योजनाओं को मुख्य सचिव की बैठक में हरी झंडी मिल गई है। इन योजनाओं का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, ट्रैफिक प्रबंधन को तकनीक से मजबूत करना और यात्रियों को सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
लखनऊ-मुरादाबाद में बढ़ेगी निगरानी, सीसीटीवी इंस्टालेशन को मंज़ूरी
राजधानी लखनऊ में प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की इंस्टालेशन के लिए 4.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही मुरादाबाद और बलिया में भी इंटीग्रेटेड सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित करने के लिए 3.10 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। बीटीटीई इकाइयों को आधुनिक बनाने के लिए ट्रक सिमुलेटर और अन्य तकनीकी उपकरणों की खरीद हेतु 1.28 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, साथ ही बीटीटीई हांसी इकाई के लिए वाहन खरीद का भी निर्णय लिया गया है।
हाई-रिस्क जिलों पर विशेष फोकस, 25 करोड़ की ई-इंफोर्समेंट योजना को सहमति
राज्य के 25 हाई-रिस्क जिलों में दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस लगाने की बड़ी योजना को आगे बढ़ाया गया है। इन जिलों के लिए 1 करोड़ रुपये प्रति जनपद की दर से कुल 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अन्य जिलों के लिए 50 लाख प्रति जनपद की दर से अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई है।
बीते वित्तीय वर्ष में स्वीकृत 19.95 करोड़ रुपये में से 17.15 करोड़ रुपये खर्च करके 70 इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद पहले ही की जा चुकी है। इसके अलावा 18 के-इन-मोशन सेंसर खरीदने के लिए 14.05 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। इन सेंसरों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्लेटफॉर्म व संरचना निर्माण के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं।
यातायात जागरूकता अभियान को मजबूती, बैरियर से लेकर हेलमेट तक बड़े पैमाने पर खरीद
सड़क सुरक्षा को जनांदोलन बनाने के उद्देश्य से प्रचार-प्रसार, ई-चालान प्रणाली, साइनेज बोर्ड, इंटरनेट सेवाएं, उपकरणों की मरम्मत और अभियानों के संचालन के लिए 2.10 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व योजनाओं को मंजूरी मिली है। यातायात निदेशालय 25 करोड़ रुपये की लागत से बड़े पैमाने पर सुरक्षा उपकरण खरीदने जा रहा है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं
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4,500 आयरन बैरियर
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4,525 फोल्डिंग बैरियर
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7,200 सेफ्टी हेलमेट
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8,000 फ्लोरोसेन्ट जैकेट
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270 ब्रेथ एनालाइजर
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85 स्पीड लेजर गन
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15 चारपहिया व 62 दोपहिया इंटरसेप्टर वाहन
इन सभी उपकरणों के इस्तेमाल से राज्य में सड़क सुरक्षा तंत्र और भी मजबूत होगा।
परिवहन ढांचे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम
यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करके सड़क सुरक्षा में व्यापक सुधार लाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस व्यापक आधुनिकीकरण अभियान से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि लोगों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुचारू परिवहन व्यवस्था भी उपलब्ध होगी।
योगी सरकार की इन पहलों से प्रदेश भर में स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली और सुरक्षित सड़क परिवहन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
