January 23, 2026

कोडीन कफ सिरप मामले में यूपी पुलिस का बड़ा खुलासा: डीजीपी की प्रेस वार्ता में कई अहम जानकारियाँ सामने आईं!

0
0
0

128 एफआईआर, 32 गिरफ्तार

40 जिलों के थोक विक्रेताओं की जांच तेज

NEWS1UP

संवाददाता

लखनऊ। प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध कोडीन आधारित कफ सिरप की आपूर्ति व तस्करी के खुलासे के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। इसी मामले पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अवैध ड्रग माफिया के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) भी पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है।

गाजियाबाद बना नेटवर्क का अहम केंद्र, चार ट्रक पकड़े गए

डीजीपी ने बताया कि अब तक जिस तरह के इनपुट सामने आए हैं, उनके अनुसार गाजियाबाद इस तस्करी नेटवर्क का एक प्रमुख रास्ता व स्टॉकिंग प्वाइंट बन चुका था। गाजियाबाद से चार ट्रक कोडीन सिरप बरामद किया गया है, जिसने पूरे सिंडिकेट की जड़ें उजागर कर दीं। पुलिस का कहना है कि गाजियाबाद से कई जिलों व राज्यों में इसकी आपूर्ति होती थी, जिसके लिंक अब कई प्रदेशों में मिले हैं।

32 आरोपी गिरफ्तार, 128 एफआईआर दर्ज

डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि कोडीन सिरप मामले में अब तक पूरे प्रदेश में 128 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से 32 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों में प्रमुख तीन स्टॉकिस्ट भी शामिल हैं। कुल 5 बड़े स्टॉकिस्टों में से 3 की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

सोनभद्र और रांची से भी गिरफ्तारी, एक ट्रक सोनभद्र में पकड़ा

सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि सोनभद्र और रांची में भी कार्रवाई हुई है। सोनभद्र में एक ट्रक कफ सिरप पकड़ा गया, जबकि रांची से भी गिरफ्तारी हुई है। इन सभी घटनाओं से यह साबित होता है कि नेटवर्क पूरे उत्तर भारत में फैला हुआ था।

मध्य प्रदेश कनेक्शन की जांच, पर सिरप का लिंक नहीं मिला

कई इनपुट मध्य प्रदेश से मिले, जिसके बाद वहां भी जांच आगे बढ़ाई गई। हालांकि, डीजीपी ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश से बरामद सिरप का इस बड़े रैकेट से सीधा संबंध नहीं पाया गया है, लेकिन सूचना तंत्र के आधार पर वहां के कुछ कारोबारी और आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका पुलिस जांच रही है।

सौरभ त्यागी, भोला जायसवाल और विभोर राणा गिरफ्तार

इस मामले में तीन प्रमुख नाम, सौरभ त्यागी, भोला जायसवाल और विभोर राणा  पुलिस की पकड़ में आ चुके हैं। इन सभी पर कोडीन आधारित प्रतिबंधित सिरप को अवैध तरीके से स्टोर करने, परिवहन करने और विभिन्न जिलों में सप्लाई करने का आरोप है। गाजियाबाद में पकड़े गए स्टॉक और दस्तावेजों से इनके नेटवर्क की कई परतें खुल चुकी हैं।

40 जिलों के थोक विक्रेताओं की जांच जारी

डीजीपी ने बताया कि इस पूरे रैकेट की जड़ें और गहरी हैं। इसी कारण 40 जिलों के थोक विक्रेताओं की जांच की जा रही है। कई व्यापारियों से पूछताछ हो चुकी है और कई के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।

गाजियाबाद पुलिस अलर्ट मोड पर, दवाइयों की दुकानों पर सख्त निगरानी

गाजियाबाद पुलिस और FSDA की संयुक्त टीमें पूरे जिले में निरीक्षण कर रही हैं। मेडिकल स्टोर्स, गोदामों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी दुकान बिना वैध लाइसेंस के कोडीन सिरप नहीं रखेगी, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!