देश को विभाजित करने वाले जयचंद व मीरजाफर जैसे पापी : योगी आदित्यनाथ

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देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम का

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन

पीएम मोदी के पंच प्रण को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाएं नागरिक

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतों को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग देश को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “समाज को तोड़ने वाले तत्व जयचंद और मीरजाफर जैसा पाप कर रहे हैं। सत्ता पाकर ये लोग केवल अपने परिवार, प्रॉपर्टी और विदेशों में होटल-द्वीप खरीदने तक सीमित हो जाते हैं।”
मुख्यमंत्री सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर बनाए गए भव्य ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जनरल रावत की प्रतिमा का अनावरण किया और उनके जीवन पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।

जनरल बिपिन रावत की स्मृति में बना भव्य ऑडिटोरियम

कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि जनरल रावत की वीरता, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी। उन्होंने सैनिक स्कूल को निर्देश दिया कि हर वर्ष 8 दिसंबर को जनरल रावत और सभी शहीदों की स्मृति में ‘प्रेरणा दिवस’ मनाया जाए।

पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) आरकेएस भदौरिया और असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने भी जनरल रावत को याद करते हुए उनके योगदान को “स्वर्णाक्षरों में दर्ज” बताया।

पंच प्रण: विकसित भारत का महामंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच प्रणों का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब समाज एकजुट होगा और नागरिक कर्तव्यों को सर्वोपरि रखा जाएगा।

 विरासत पर गर्व

योगी ने कहा कि श्रीराम, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह और रानी लक्ष्मीबाई की विरासत पर गर्व करना हर भारतीय का कर्तव्य है। समाज अपनी परंपरा व गौरव को भुलाकर प्रगति नहीं कर सकता।

 गुलामी के प्रतीकों का परित्याग

उन्होंने कहा कि विदेशी वस्तुओं एवं आक्रांताओं को महान मानना मानसिक गुलामी है। “हम सिकंदर को महान क्यों कहें ? हमारे लिए महाराणा प्रताप, शिवाजी और जनरल बिपिन रावत महान हैं।”

 सैन्यबलों का सम्मान

सीएम ने कहा कि देशवासी इसलिए चैन से सोते हैं क्योंकि सीमा पर सैनिक सतर्क रहते हैं। एक व्यक्ति की गलती से पूरी फोर्स को दोषी ठहराना उचित नहीं।

 सामाजिक एकता और भारतीयता की भावना

योगी ने कहा कि जिसके मन में भारतीयता का भाव नहीं, वह देश का नहीं। उन्होंने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के कथन का उल्लेख किया “पहली और अंतिम पहचान भारतीय की।”

 नागरिक कर्तव्य सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारों की चर्चा तो खूब हुई, पर नागरिक कर्तव्यों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया। जनरल रावत की कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्र तभी महान बनता है जब उसके नागरिक अपने दायित्वों के प्रति सजग हों।

ट्रेड यूनियनवाद से गोरखपुर खाद कारखाना बंद हुआ

ट्रेड यूनियनवाद पर तीखी टिप्पणी करते हुए सीएम ने कहा कि जहां भी ट्रेड यूनियनें बेकाबू होती हैं, व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि 1990 में ट्रेड यूनियन गतिविधियों के कारण गोरखपुर का खाद कारखाना बंद हो गया था, जिसे 20 साल के संघर्ष के बाद दोबारा शुरू कराया गया।

सैनिक स्कूल: योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट, बालिकाओं को आरक्षण

योगी ने बताया कि 2018 में यूपी के सैनिक स्कूलों में बालिकाओं को आरक्षण देने का निर्णय लिया गया था। गोरखपुर सैनिक स्कूल में वर्तमान में 75 बालिकाएं और 235 बालक, कुल 310 कैडेट अध्ययनरत हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति रहे जगदीप धनखड़ भी इस स्कूल के अनुशासन की प्रशंसा कर चुके हैं। 

जनरल बिपिन रावत की पुत्री को सम्मानित करते सीएम योगी

अनुशासन जीवन का आधार

सीएम ने कहा कि अनुशासनहीनता जीवन में ‘दुशासन’ को जन्म देती है। विद्यार्थियों से जनरल बिपिन रावत के अनुशासित जीवन से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युद्धभूमि में बलिदान हो या विजय, दोनों ही स्थितियां जीवन के उच्च आदर्शों को दर्शाती हैं।

कार्यक्रम को महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। संचालन जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन के सचिव मंजीत नेगी और पुष्पगुच्छ देकर मुख्यमंत्री का स्वागत सैनिक स्कूल गोरखपुर के प्रधानाचार्य कर्नल डीएस चौहान ने किया। कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, अनेक विधायक, एमएलसी, सैन्य अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी और सैनिक स्कूलों व आर्मी पब्लिक स्कूलों के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने जनरल रावत की पुत्रियों कृतिका और तारिणी रावत को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। 

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