February 12, 2026

यूपी बना ‘डिजिटल डेस्टिनेशन’: योगी के विजन से आईटी-स्टार्टअप सेक्टर में ऐतिहासिक छलांग!

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14,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
60,000 से अधिक रोजगार सृजित
इंफोसिस, एडोब, आईबीएम जैसी दिग्गज कंपनियों का यूपी पर भरोसा
स्टार्टअप प्रोत्साहन राशि 2,600 लाख रुपये तक पहुँची

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से ‘डिजिटल डेस्टिनेशन’ के रूप में उभर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने आईटी, स्टार्टअप और डेटा सेंटर के क्षेत्रों में जिस गति से प्रगति की है, वह देश भर में मिसाल बन गई है। वैश्विक आईटी कंपनियों का लगातार बढ़ता निवेश और लाखों रोजगारों का सृजन साबित करता है कि यूपी अब डिजिटल इंडिया का सबसे मजबूत स्तंभ बनने की ओर अग्रसर है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम में अभूतपूर्व उछाल, प्रोत्साहन राशि 2,600 लाख तक पहुँची

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीति-दृष्टि के अनुरूप उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप एवं नवाचार का हब बनाने की दिशा में सरकार द्वारा किए गए प्रयास शानदार परिणाम दे रहे हैं। वर्ष 2021-22 में जहां स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए मात्र 274 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, वहीं अगले ही वर्षों में यह राशि कई गुना बढ़ गई-

2022-23 में 866 लाख रुपये

2023-24 में 1,326 लाख रुपये

2025 में अब तक 2,600 लाख रुपये

प्रोत्साहन राशि में यह लगातार वृद्धि बताती है कि सरकार न सिर्फ स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दे रही है, बल्कि युवाओं को नवाचार की दिशा में नई ऊर्जा भी दे रही है।

इंफोसिस, एडोब, आईबीएम और टेली पर्फार्मेंस का बड़ा निवेश

योगी सरकार की आईटी एवं आईटीईएस नीति ने उत्तर प्रदेश में निवेश का नया अध्याय लिख दिया है। 2025 की शुरुआत में ही 2 एलओसी के माध्यम से 28.34 करोड़ रुपये का निवेश और 1,600 रोजगार सृजित हुए। इसके बाद सितंबर 2025 से प्राप्त 3 बड़े प्रस्तावों ने निवेश की तस्वीर को और मजबूत किया-

868 करोड़ रुपये का कुल निवेश

करीब 7,800 नए रोजगार

इनमें इंफोसिस, एडोब, आईबीएम और टेली पर्फार्मेंस जैसी दिग्गज कंपनियों ने यूपी को आईटी निवेश के लिए अपनी पहली पसंद बनाया है। इससे प्रदेश न सिर्फ तकनीकी सेवाओं का केंद्र बन रहा है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं।

डेटा सेंटर नीति से यूपी बना रहा देश का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब

सीएम योगी द्वारा 2021 में शुरू की गई डेटा सेंटर नीति ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मानचित्र पर तेजी से शीर्ष पर पहुंचा दिया है। इस नीति के तहत मिले बड़े निवेश प्रस्ताव इसकी सफलता की कहानी खुद बयां करते हैं-

एनआईडीपी – 9,134 करोड़ रुपये

एनटीटी ग्लोबल डेटा सेंटर – 1,687 करोड़ रुपये

अडानी इंटरप्राइजेज – 2,416 करोड़ और 2,713 करोड़ रुपये

एसटी टेली मीडिया – 2,130 करोड़ रुपये

इन सभी प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा रही है, जिससे यूपी देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बनने की ओर आगे बढ़ रहा है।

‘बीमारू’ से ‘ब्रांड यूपी’ तक का सफर

कुछ वर्ष पहले जिस उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ के नाम से जाना जाता था, वही आज देश के अग्रणी औद्योगिक और डिजिटल राज्यों में शामिल है। स्टार्टअप, आईटी सेवाओं और डेटा सेंटर जैसे भविष्य की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले क्षेत्रों में भारी निवेश इस बड़े परिवर्तन की पुष्टि करता है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन, पारदर्शी नीतियों और निवेशक-हितैषी माहौल ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दी है, ‘ब्रांड यूपी’ देश का नया डिजिटल पावरहाउस।

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