गुरु–शिष्य और सक्षम की तिकड़ी आमने–सामने, वीवीआई एड्रेसेस में चुनावी मुकाबला चरम पर!
तीन नाम, तीन विचारधाराएँ और तीनों के बड़े–बड़े दावे
मतदाता तय करेंगे सोसाइटी की अगली दिशा और दशा
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआई एड्रेसेस सोसाइटी में 14 दिसंबर को होने वाला एओए चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गया है। आमतौर पर सोसाइटी चुनावों में कम दिखाई देने वाला रोमांच इस बार अपने चरम पर है, और इसकी वजह हैं वे तीन टीमें, जिन्होंने अपने नामों से ही पूरे माहौल को चुनावी रंग दे दिया है। आध्यात्मिक भावनाओं से जुड़े ‘स्वामी विवेकानंद टीम’ और ‘रामकृष्ण परमहंस टीम’ के सामने ‘टीम सक्षम’ अपनी आधुनिक व व्यवहारिक सोच के साथ जोरदार चुनौती पेश कर रही है। तीनों टीमों के कुल 30 उम्मीदवार मैदान में हैं और निवासियों की दिलचस्पी इस बार साफ दिखाई दे रही है।
स्वामी विवेकानंद टीम: सुरक्षा और पारदर्शिता का वादा
स्वामी विवेकानंद टीम के प्रतिनिधि सौरभ त्यागी बताते हैं कि-

उनकी टीम का लक्ष्य सोसाइटी में बेहतर सुरक्षा, खुशहाली और पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता लाना है। उन्होंने दावा किया कि जीत के बाद उनकी टीम सोसाइटी के लिए वित्तीय ऑडिट कराएगी और पिछली सभी खामियों को उजागर कर निवासियों का विश्वास मजबूत बनाएगी। उनका कहना है कि सोसाइटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनकी टीम पूरी ईमानदारी से काम करेगी।
रामकृष्ण परमहंस टीम: बिल्डर से IFMS वापस लाने की तैयारी
वहीं गुरु–शिष्य परंपरा के नाम पर चुनावी मैदान में उतरी रामकृष्ण परमहंस टीम के योगेश त्यागी का कहना है कि-

उनकी पहली प्राथमिकता बिल्डर से निवासियों का रोका गया IFMS फंड वापस लाना है। इसके लिए वे कानूनी लड़ाई लड़ने तक को तैयार हैं। टीम का कहना है कि वह सोसाइटी के सभी ब्लॉकों में से अतिक्रमण हटवाने और वर्तमान सिक्योरिटी एजेंसी को बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
टीम सक्षम: कानूनी मजबूती और सांस्कृतिक जुड़ाव की पैरोकारी
तीनों टीमों में अपनी साफ-सुथरी छवि और आधुनिक कार्ययोजना के साथ टीम सक्षम भी मजबूत दावेदारी पेश कर रही है।
टीम की सदस्य तन्वी अग्रवाल का कहना है कि-

उनकी प्राथमिकता सोसाइटी को अपार्टमेंट एक्ट और मॉडल बायलॉज़ के अनुरूप कानूनी रूप से अधिक मजबूत बनाना है। वह बताती हैं कि उनकी टीम सोसाइटी में सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम, बच्चों के लिए खेल और शिक्षा से जुड़े आयोजन बढ़ावा देने पर भी काम करेगी। IFMS की वापसी का दावा टीम सक्षम भी जोरदार ढंग से कर रही है।
अब फैसला निवासियों के हाथ
तीनों टीमों के वादों, योजनाओं और चुनावी उत्साह ने वीवीआई एड्रेसेस में लोकतांत्रिक माहौल को नई ऊर्जा दी है। अब देखना यह है कि 14 दिसंबर को सोसाइटी की जनता किस टीम पर भरोसा जताती है, विवेकानंद टीम की पारदर्शिता पर, परमहंस टीम की कानूनी लड़ाई की तैयारी पर या सक्षम टीम की दूरदर्शी सोच पर। सोसाइटी का नेतृत्व किसे मिलेगा, इसका फैसला अब मतदाता ही करेंगे।
