मां को ट्रैक्टर में बैठाने वाला किसान ही राष्ट्र की असली ताकत: सीएम योगी

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भूमेश शर्मा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ के अवसर पर किसानों की मेहनत, त्याग और आत्मबल को नमन करते हुए कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र की ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि जब किसान सर्दी-गर्मी की परवाह किए बिना पसीना बहाता है और अपनी अस्थियों में सर्दी को समाहित कर धरती मां से ऊर्जा का प्रवाह करता है, तभी खेत अन्न के रूप में सोना उगलते हैं।
विधान भवन प्रांगण स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसान समृद्धि योजना के तहत चयनित किसानों को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी और 25 ट्रैक्टरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर पाने वाले किसानों के चेहरों की चमक इस बात का प्रमाण है कि योजनाएं ज़मीन पर उतर रही हैं, कोई किसान अपनी मां को तो कोई अपनी पत्नी को ट्रैक्टर में बिठाकर ले जा रहा है, यही किसान की असली ताकत है।
2014 के बाद बदली किसान नीति की दिशा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार किसान सरकार के एजेंडे का केंद्र बना। स्वायल हेल्थ कार्ड के माध्यम से धरती मां की सेहत की जांच से लेकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और एमएसपी तक, बीज से बाजार तक किसान को सशक्त किया गया। उन्होंने कहा कि अब बिचौलिया किसानों की फसल का दाम तय नहीं करता, यदि बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलता तो सरकार स्वयं खरीद सुनिश्चित करती है।
चौधरी चरण सिंह किसान, गांव और देश के सच्चे हितैषी थे
सीएम योगी ने चौधरी चरण सिंह के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि वे मानते थे, जब तक किसान गरीब रहेगा, भारत अमीर नहीं हो सकता। जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार, मंडी अधिनियम, पटवारी व्यवस्था का उन्मूलन, लघु-सीमांत किसानों को भू-राजस्व में छूट, उर्वरकों को कर-मुक्त करना और नाबार्ड की स्थापना जैसे ऐतिहासिक निर्णय उनके दूरदर्शी नेतृत्व के प्रमाण हैं।
यूपी में किसानों को मिला रिकॉर्ड भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1996 से 2017 तक 21-22 वर्षों में जितना गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हुआ था, उससे लगभग 75 हजार करोड़ रुपये अधिक भुगतान पिछले 8 वर्षों में किसानों के खातों में सीधे भेजा गया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए अगेती गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और कम लागत ने उत्तर प्रदेश को कृषि उत्पादन में अग्रणी बनाया है।
तकनीक, बीज और प्राकृतिक खेती पर जोर
सीएम योगी ने बताया कि डबल इंजन सरकार ने 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किए हैं, जिससे यूपी में इनकी संख्या 89 हो गई है, जो देश में सर्वाधिक है। लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर लैब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस किसानों को भविष्य की खेती से जोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर उत्तम बीज मिले तो उत्पादन 30 फीसदी तक बढ़ सकता है। साथ ही कैंसर, किडनी और लीवर जैसी बीमारियों से बचाव के लिए प्राकृतिक खेती को एकमात्र रास्ता बताया।
हमारे मंत्री भी किसान हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, चौधरी लक्ष्मी नारायण, बलदेव सिंह औलख स्वयं किसान हैं और मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद मछुआरों के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार की योजनाओं की रफ्तार अब सुस्त नहीं है, किसानों का ऋण माफ किया गया है, बिजली सब्सिडी दी जा रही है और सहकारिता के माध्यम से सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

इन किसानों को मिली ट्रैक्टर की चाबी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन की प्रवेशिका, शाहजहांपुर के उधम सिंह, फतेहपुर के मुकेश, मुजफ्फरनगर के श्रीपाल और लखीमपुर खीरी के जमाइफ खान को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी।
उत्कृष्ट किसानों और संस्थाओं का सम्मान
धान, गेहूं, चना, मटर, सरसों, अरहर, ज्वार उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों, विशिष्ट महिला किसान संध्या सिंह, एफपीओ और कृषि वैज्ञानिकों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, योगी सरकार के कई मंत्री, विधायक और किसान संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीएम योगी ने अंत में कहा कि किसान सुरक्षित होगा तो देश सुरक्षित होगा। चौधरी चरण सिंह की सोच के अनुरूप सरकार किसानों के हित में हर कदम उठाती रहेगी।
