February 12, 2026

‘हम तुम रोड’ को लेकर जनाक्रोश फूटा, सड़कों पर उतरे बुज़ुर्ग-महिलाएं-बच्चे!

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‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ नारों से गूंजा NH-58

निवासियों का आरोप

टैक्स लेते वक्त तेज़, सुविधा देने में सुस्त!

NEW1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। NH-58 स्थित राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में वर्षों से बदहाली का दंश झेल रही ‘हम तुम रोड’ को लेकर आज जनता का सब्र जवाब दे गया। सड़क निर्माण की मांग को लेकर सात सोसाइटियों और आसपास के गांवों के सैकड़ों निवासियों ने जनाक्रोश मार्च निकालकर प्रशासन को खुली चेतावनी दे दी।

इस आक्रोश मार्च में निलाया ग्रीन, महक जीवन, संचार रेजीडेंसी, मीडो विष्ठा, मोती रेजीडेंसी, राज विलास और दीया ग्रीन के निवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। मार्च की खास बात यह रही कि इसमें दर्जनों बुज़ुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे भी सड़कों पर उतरे, जो इस बात का संकेत है कि समस्या अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि जीवन-मृत्यु का सवाल बन चुकी है।

मौत की सड़क बन चुकी है ‘हम तुम रोड’

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह सड़क पूरी तरह जर्जर और जानलेवा हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, धूल के गुबार और अंधेरे में दिखने वाली मौत, यही इस सड़क की पहचान बन गई है। निवासियों के अनुसार, यहां सैकड़ों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नींद नहीं टूटी।

फाइलें चलती रहीं, लाशें गिरती रहीं

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि GDA में केवल फाइलें इधर-उधर घूम रही हैं, ज़मीन पर कोई काम नहीं हो रहा। वर्षों से आश्वासन दिए जा रहे हैं, सर्वे और प्रस्ताव बन रहे हैं, लेकिन सड़क आज भी बदहाल है।

‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ का नारा

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्ती-बैनर थे, जिन पर साफ-साफ लिखा था-

“सुविधा नहीं तो टैक्स नहीं”
 “सड़क नहीं तो वोट नहीं”

इन नारों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, क्योंकि आने वाले समय में यह आंदोलन चुनावी मुद्दा बन सकता है।

अब नहीं रुकेगा आंदोलन

प्रदर्शन में शामिल मुरारी लाल शर्मा ने तीखे शब्दों में कहा,

“अब यह आंदोलन रुकेगा नहीं। प्रशासन चाहे जितना ज़ोर लगा ले, हम अपने हक की सड़क लेकर रहेंगे। हर हादसे की जिम्मेदारी सिस्टम की है।”

उन्होंने याद दिलाया कि पिछले सप्ताह भी NH-58 पर जोरदार प्रदर्शन किया गया था, लेकिन उसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी मौतों और जनआक्रोश के बावजूद प्रशासन कब जागेगा ? क्या किसी और बड़े हादसे का इंतज़ार किया जा रहा है ? क्या टैक्स देने वाले नागरिकों को बुनियादी सड़क सुविधा भीख में मिलेगी ?

राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों ने साफ कर दिया है कि अगर ‘हम तुम रोड’ का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज होगा, सड़क जाम होंगे और प्रशासन को सीधे जवाब देना पड़ेगा।

अब देखना यह है कि GDA और जिला प्रशासन इस जनाक्रोश को गंभीरता से लेता है या एक और आंदोलन फाइलों की धूल में दबा दिया जाएगा।

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