‘सेवियर ग्रीनआइल सोसाइटी’ में आक्रामक कुत्तों का आतंक, नगर निगम की निष्क्रियता पर भड़के निवासी!

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NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। शहर की बहुमंजिला सोसाइटियों में आवारा और आक्रामक कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की उदासीनता अब खुले टकराव का रूप लेने लगी है। क्रॉसिंग रिपब्लिक की सेवियर ग्रीनआइल सोसाइटी का ताजा मामला न केवल नगर निगम गाजियाबाद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि निवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है।

लगातार शिकायतें, फिर भी कार्रवाई शून्य

सेवियर ग्रीनआइल सोसाइटी में लंबे समय से आक्रामक कुत्तों के हमलों और डर के माहौल को लेकर नगर निगम को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दी गईं। आरोप है कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चेतावनी दिए जाने के बावजूद नगर निगम ने कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया।

“स्टेरिलाइज़्ड हैं” कहकर पल्ला झाड़ा

सोमवार को  नगर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन उन्होंने यह कहकर आक्रामक कुत्तों को उठाने से साफ इनकार कर दिया कि कुत्ते पहले से स्टेरिलाइज़्ड हैं। सोसाइटी निवासियों का कहना है कि यह तर्क न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार यदि कोई कुत्ता आक्रामक, हिंसक या जानलेवा खतरा बन रहा है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई करना स्थानीय निकाय की जिम्मेदारी है, चाहे वह स्टेरिलाइज़्ड ही क्यों न हो।

निवासियों का शांतिपूर्ण लेकिन सख्त विरोध

नगर निगम की इस लापरवाही से आक्रोशित होकर सोसाइटी के निवासियों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए निवासियों ने नगर निगम की गाड़ी को मौके पर रोक लिया और स्पष्ट कर दिया कि बिना कार्रवाई किए उसे वापस नहीं जाने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि नगर निगम का कोई वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करे।

अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी, मामला और गंभीर

इस पूरे प्रकरण में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आरोप है कि सोसाइटी के अध्यक्ष विशाल सिंह भदौरिया को इस मुद्दे को मजबूती से उठाने के कारण  एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से जान से मारने की धमकी भरा फोन कॉल प्राप्त हुआ। उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। निवासियों का कहना है कि यह धमकी इस संवेदनशील मामले को दबाने की साजिश की ओर इशारा करती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

प्रदर्शन में महिलाओं सहित बड़ी संख्या में सोसाइटी निवासी शामिल रहे। प्रमुख रूप से प्रवीण अंतल, पंकज श्रीवास्तव, शुभम पांडेय, आशीष गुप्ता, गुंजन शर्मा, मयंक शुक्ला एवं राघव सिंह आदि की सक्रिय मौजूदगी रही। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ी है।

निवासियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम ने शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।

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