February 11, 2026

माघ मेला 2026: पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ होंगे सभी प्रमुख स्नान- मुख्यमंत्री योगी

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योगी ने की प्रयागराज में चल रहे माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा

तकनीक के प्रयोग से सुदृढ़ हुईं सुविधाएं

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए भरोसा जताया कि प्रशासनिक सजगता, तकनीक के समुचित उपयोग और विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से सभी प्रमुख स्नान पर्व पूरी तरह सुरक्षित और सकुशल संपन्न होंगे। शनिवार को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और पवित्रता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उन्हें माघ मास में पावन त्रिवेणी संगम के दर्शन और स्नान का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो उनके लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और संतोष का विषय है। उन्होंने स्मरण कराया कि ठीक एक वर्ष पूर्व इसी समय महाकुंभ की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही थीं और 10 जनवरी को वे प्रयागराज में इन्हीं तैयारियों की समीक्षा के लिए मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष माघ मेला 3 जनवरी से प्रारंभ हो चुका है और 15 फरवरी तक चलेगा। इतने लंबे आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मुख्यमंत्री स्वयं लगातार निगरानी कर रहे हैं।

पौष पूर्णिमा पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पौष पूर्णिमा के अवसर पर प्रशासन को 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद थी, लेकिन अनुमान से कहीं अधिक, 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी महाराज और अक्षयवट के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और शांति के साथ स्नान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रशासनिक व्यवस्था, अनुशासन और श्रद्धालुओं के सहयोग का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

कल्पवासी एक माह के कल्पवास हेतु साधना में लीन हैं और मेला क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण पूरी तरह जीवंत है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्हें भगवान जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की 726वीं पावन जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि प्रयागराज ऋषि-मुनियों की पावन तपोभूमि रही है, जहां महर्षि भारद्वाज और याज्ञवल्क्य जैसे महान संतों का सानिध्य रहा है। दारागंज क्षेत्र जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की जन्मस्थली के रूप में विश्वविख्यात है।

पांच प्रमुख स्नान पर्व, व्यापक और सुव्यवस्थित तैयारियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानकारी दी कि माघ मेला के दौरान 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन स्नान संपन्न होंगे। इन सभी अवसरों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है तथा भीषण शीतलहर से बचाव के लिए अलाव, रैन बसेरे और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को सक्रिय किया गया है।

साथ ही, मेला सेवा ऐप का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को आवास, स्वास्थ्य, मार्गदर्शन और अन्य सेवाओं से संबंधित त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रशासन पूरी तत्परता से जुटा, माघ मेला होगा ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि जैसे पौष पूर्णिमा का स्नान पवित्रता, संवाद और सहयोग के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, उसी प्रकार आने वाले सभी पांच प्रमुख स्नान पर्व भी सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है और संतों, कल्पवासियों तथा श्रद्धालुओं के सहयोग से माघ मेला 2026 एक बार फिर ऐतिहासिक बनेगा।

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