February 9, 2026

कर्तव्य पथ पर यूपी की झांकी में दिखेगा विरासत और विकास का भव्य संगम!

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कालिंजर दुर्ग से ब्रह्मोस तक

नजर आएगी  परंपरा और प्रगति की एकजुट तस्वीर!

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली/लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकलने वाली राष्ट्रीय परेड में इस वर्ष उत्तर प्रदेश की झांकी एक बार फिर देश-विदेश के दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और तेज़ विकास यात्रा को साकार करती यह झांकी बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा, शिल्प और आधुनिक उत्तर प्रदेश की प्रगतिशील छवि को एक ही मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगी।

झांकी का केंद्रीय विचार “विरासत के संरक्षण के साथ विकास” है, जो योगी सरकार के उस विज़न को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान को संजोते हुए आधुनिकता की ओर निर्णायक कदम बढ़ाए जा रहे हैं। बुंदेलखंड, जो अपनी ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, इस झांकी में प्रदेश की आत्मा के रूप में उभरता है।

कालिंजर से शुरू होती विरासत की यात्रा

झांकी के अग्रभाग में ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग की शैल-कला परंपरा का प्रतीक एकमुख लिंग स्थापित किया गया है। यह बुंदेलखंड की प्राचीन आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक पहचान को सशक्त रूप से दर्शाता है। मध्य भाग में क्षेत्र की समृद्ध हस्तशिल्प परंपराएं, मृद्भांड कला, मनका शिल्प और स्थानीय कारीगरी, को प्रदर्शित किया गया है, जिन्हें ‘एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी)’ योजना के अंतर्गत नई पहचान और बाज़ार मिला है। यह हिस्सा पारंपरिक कारीगरों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की ठोस पहल को रेखांकित करता है।

पर्यटन, आस्था और लोकसंस्कृति का जीवंत चित्र

झांकी के पिछले हिस्से में कालिंजर दुर्ग के नक्काशीदार स्तंभों और भव्य द्वारों के माध्यम से उसके ऐतिहासिक वैभव को उकेरा गया है। साथ ही नीलकंठ महादेव मंदिर की दिव्यता कालिंजर की स्थापत्य और आध्यात्मिक विरासत को और सुदृढ़ करती है। बुंदेली कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्य क्षेत्र के लोकजीवन, उत्सवधर्मिता और सांस्कृतिक रंगों को जीवंत कर देते हैं, जिससे बुंदेलखंड एक प्रमुख सांस्कृतिक-पर्यटन केंद्र के रूप में उभरता है।

आधुनिक यूपी: विकास की नई उड़ान

झांकी का अंतिम भाग किले की स्थापत्य शैली से प्रेरित आधुनिक संरचना के रूप में प्रस्तुत है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक प्रगति और आधुनिक आधारभूत ढांचे की झलक दिखाई देती है। यह उत्तर प्रदेश की सशक्त रक्षा क्षमता, मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तीव्र विकास की कहानी कहता है, जो योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश को नए भारत की दिशा में अग्रसर कर रही है।

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