यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थापित होगी अत्याधुनिक मेडटेक यूनिट!
शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स को यीडा ने सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट
2900 रोजगार सृजन की उम्मीद!
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ/ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी का वैश्विक हब बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। इन्वेस्ट यूपी की पहल पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मेडिकल डिवाइसेज़ पार्क के तहत शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को 10 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किया है। इस परियोजना से प्रदेश में 900 से अधिक प्रत्यक्ष और लगभग 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मेडिकल डिवाइसेज़ पार्क में स्थापित होने वाली इस अत्याधुनिक इकाई में विश्वस्तरीय जीवनरक्षक चिकित्सा तकनीकों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना का प्रमुख आकर्षण बोरॉन न्यूट्रॉन कैप्चर थेरेपी (बीएनसीटी) तकनीक का उत्पादन है, जिसे जटिल कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक और प्रभावी पद्धति माना जाता है। इससे भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नवाचार के अग्रणी देशों में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
एक नज़र में परियोजना
स्थान: यमुना एक्सप्रेसवे मेडिकल डिवाइसेज़ पार्क
भूमि: 10 एकड़
रोजगार: 900 प्रत्यक्ष, 2000 अप्रत्यक्ष
फोकस: कैंसर, हृदय, रोबोटिक सर्जरी, डायग्नोस्टिक्स
इस संयंत्र में सीटी स्कैन, एमआरआई, पीईटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी उन्नत रेडियोलॉजी व इमेजिंग मशीनों के साथ एनेस्थीसिया सिस्टम, आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर के लिए रेस्पिरेटरी केयर उपकरणों का निर्माण भी किया जाएगा। साथ ही हार्ट वाल्व, स्टेंट्स और लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइसेज (एलवीएडी) जैसे हृदय संबंधी उन्नत इम्प्लांट्स, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भी बनाए जाएंगे।
परियोजना के तहत मेडिकल रोबोटिक्स के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निवेश किया जाएगा। इसमें सॉफ्ट टिश्यू सर्जिकल रोबोट्स, ऑर्थोपेडिक, डेंटल तथा न्यूरो-स्पाइन रोबोटिक सिस्टम्स का विकास शामिल है, जो शल्य चिकित्सा में सटीकता और सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। इसके अतिरिक्त इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (आईवीडी) डिवाइसेज़, पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग सिस्टम्स और मेडिकल सिमुलेटर्स की स्थापना से जांच, प्रशिक्षण और कौशल विकास को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया तथा शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की ओर से ग्रुप सीईओ डॉ. मिनाक्षी लाटे, सीओओ गौरव शोकीन, वाइस प्रेसिडेंट अनिल कुमार वर्मा और बिजनेस यूनिट हेड कामिनी भारती उपस्थित रहीं। परियोजना में स्थानीय युवाओं की भर्ती और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे समावेशी विकास और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति मिलेगी।
