UP: राज्यपाल-सीएम ने जनभवन के आदर्श विद्यालय के नए भवन का किया उद्घाटन
5.17 करोड़ की लागत से बना नया भवन
सीएम योगी ने बच्चों को दी सीख- परिश्रम करो, इसी से मिलती है मंजिल
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विशेष संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सोमवार को आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया गया। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से 5.17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक भवन का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को जीवन का मूल मंत्र देते हुए कहा कि-
परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। जो मेहनत करता है, वही अपने लक्ष्य तक पहुंचता है।
उन्होंने इस परियोजना को राज्यपाल के दूरदर्शी प्रयासों का परिणाम बताते हुए शिक्षा के क्षेत्र में इसे एक “आदर्श मॉडल” करार दिया।
शिक्षा में ‘योजक’ की भूमिका पर जोर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने संस्कृत श्लोक “अमन्त्रमक्षरं नास्ति…” का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, बल्कि सही मार्गदर्शन (योजक) की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत यह मॉडल उसी योजक की भूमिका निभा रहा है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव संभव है।
वैद्य जीवक की कथा से प्रेरणा
बच्चों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्राचीन आयुर्वेदाचार्य वैद्य जीवक का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि जीवक ने तक्षशिला में शिक्षा के दौरान यह सिद्ध किया कि प्रकृति में ऐसी कोई वनस्पति नहीं है जिसमें औषधीय गुण न हो, संदेश यह कि हर व्यक्ति में क्षमता होती है, जरूरत उसे पहचानने की है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विद्यालय
नवनिर्मित विद्यालय भवन को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिसमें स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय और खेल सुविधाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इसे “शिक्षण संस्थान का आदर्श मॉडल” बताते हुए कहा कि इसे प्रदेश के अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य जनपदों के शिक्षाविदों को यहां लाकर इस मॉडल का अवलोकन कराया जाए, ताकि इसे व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके।
सरकारी स्कूल भी बन सकते हैं प्रतिस्पर्धी
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समर्पण और नवाचार के साथ कार्य किया जाए तो सरकारी विद्यालय भी कॉन्वेंट और पब्लिक स्कूलों के समकक्ष खड़े हो सकते हैं। जनभवन का यह विद्यालय उसी दिशा में एक ठोस उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
वैज्ञानिकों और विद्वानों से प्रेरणा लेने की अपील
बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें महान भारतीय वैज्ञानिकों और विद्वानों जैसे आर्यभट्ट, वराहमिहिर, सुश्रुत, चरक, जगदीश चंद्र बसु और सीवी रमन से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यही बच्चे भविष्य में देश का नाम रोशन करेंगे।
सीएसआर और सरकारी सहयोग से बना भवन
इस परियोजना की कुल लागत 5.17 करोड़ रुपये रही, जिसमें से 4.70 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए, जबकि शेष राशि सीएसआर फंड और राज्यपाल के प्रयासों से जुटाई गई।
बच्चों से संवाद, स्पेस लैब का अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विद्यालय की कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और सुनीता विलियम्स स्पेस लैब का भी निरीक्षण किया। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने उनके प्रोजेक्ट्स देखे और उत्साहवर्धन किया। बच्चों ने “गुड मॉर्निंग सर, वंदे मातरम सर” कहकर अतिथियों का स्वागत किया।
‘हमारा जनभवन’ पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर ‘हमारा जनभवन’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या और चालक को नई स्कूल बस की चाबी सौंपी गई।
