सातवें दिन भी जारी रही हड़ताल, अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों ने रोजगार पर खतरे का जताया अंदेशा
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। शहर तहसील में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को और उग्र हो गई। हड़ताल के सातवें दिन दस्तावेज लेखक, उनके सहयोगी कर्मचारी और अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर के चारों ओर एक विशाल विरोध मार्च निकाला। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उप निबंधक कार्यालय के सामने प्रदेश के स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल का पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विरोध का कारण मंत्री द्वारा हाल ही में दिया गया वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को पहले चरण में यूपीसीडा और आवास विकास समेत विभिन्न प्राधिकरणों में ट्रायल के तौर पर लागू किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि दूसरे चरण में यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई तो बैनामा लेखक, टाइपिस्ट, मुंशी और अन्य संबंधित कर्मचारियों सहित हजारों-लाखों लोगों के रोजगार पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
इस बीच अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शहर विधायक संजीव शर्मा से मुलाकात कर अपनी चिंताओं से अवगत कराया और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार विधायक ने उनकी समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
तहसील बार एसोसिएशन के सचिव दीपक वार्ष्णेय ने कहा कि-
ई-रजिस्ट्री के खिलाफ आंदोलन केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई व्यवहारिक समाधान नहीं निकाला और प्रभावित पक्षों से संवाद स्थापित नहीं किया, तो प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और संबंधित संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर संयुक्त आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उधर, हड़ताल के सातवें दिन भी तहसील में रजिस्ट्री सहित कई महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार ई-रजिस्ट्री व्यवस्था पर पुनर्विचार नहीं करती और उनके रोजगार की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।