ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में अवैध पीजी पर कार्रवाई की मांग, प्राधिकरण और पुलिस को भाकियू मंच ने सौंपा ज्ञापन
छात्र के साथ कथित दुर्व्यवहार और बंधक बनाने के आरोप से मामला गरमाया, कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। रिहायशी सेक्टरों में नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे कथित अवैध पेइंग गेस्ट (पीजी) का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। अल्फा-1, अल्फा-2 समेत शहर के विभिन्न सेक्टरों में चल रहे पीजी की वैधता, सुरक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर भारतीय किसान यूनियन मंच ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम डीजीएम विजय रावल को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पुलिस उपायुक्त को भी ज्ञापन देकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई।
भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने आरोप लगाया कि शहर के कई रिहायशी सेक्टरों में पीजी का संचालन आवश्यक अनुमतियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को असुविधा हो रही है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। संगठन ने देर रात हंगामे, अवांछित गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों का हवाला देते हुए प्राधिकरण तथा पुलिस प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

भोजन की शिकायत पर छात्र को बंधक बनाने का आरोप
मामले को गंभीर बनाते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया ने 22 अक्टूबर को अल्फा-2 स्थित द कॉर्नर हाउस पीजी में सामने आई कथित घटना का उल्लेख किया। उनके अनुसार, बिजनौर निवासी छात्र दिव्यांश शर्मा ने पीजी में खराब भोजन और गंदगी की शिकायत की थी। आरोप है कि इसके बाद पीजी संचालक दीपक भड़ाना, निवासी गांव मुरादपुर, जनपद अमरोहा, ने छात्र को बंधक बना लिया।
संगठन का दावा है कि छात्र ने किसी तरह भारतीय किसान यूनियन मंच के कार्यकर्ताओं को सूचना दी। इसके बाद कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नजदीकी पुलिस चौकी की सहायता से छात्र को मुक्त कराया गया। इस मामले में छात्र की ओर से बीटा थाने में तहरीर दिए जाने की जानकारी भी संगठन ने दी है।
हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पीजी की आड़ में व्यावसायिक गतिविधियां, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
भारतीय किसान यूनियन मंच ने आरोप लगाया कि कई पीजी में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए जरूरी प्राधिकरण संबंधी अनुमतियों, अग्निशमन उपकरणों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी की जा रही है। संगठन का कहना है कि यदि भवनों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम, सुरक्षित निकास और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं हैं, तो किसी दुर्घटना की स्थिति में बड़ा नुकसान हो सकता है।
संगठन ने यह भी कहा कि पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राओं से खराब भोजन, बुनियादी सुविधाओं के अभाव, आर्थिक शोषण और संचालकों के कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं। विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
सर्वे से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की मांग
भारतीय किसान यूनियन मंच ने प्राधिकरण से अल्फा-1, अल्फा-2 समेत सभी रिहायशी सेक्टरों में संचालित पीजी का व्यापक सर्वे कराने की मांग की है। संगठन चाहता है कि प्रत्येक पीजी की वैधता और आवश्यक अनुमतियों की जांच हो तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, सभी पीजी में अग्निशमन व्यवस्था, भवन की उपयुक्तता और सुरक्षा मानकों की जांच कराने, विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार या उन्हें अवैध रूप से रोकने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। संगठन ने विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।
कार्रवाई नहीं हुई तो प्राधिकरण कार्यालय पर धरना
मास्टर मनमिंदर भाटी ने चेतावनी दी कि यदि प्राधिकरण ने इस मामले में समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की, तो भारतीय किसान यूनियन मंच प्रभावित विद्यार्थियों को साथ लेकर प्राधिकरण के मुख्य कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अब देखना होगा कि प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर क्या कदम उठाते हैं और कथित अवैध पीजी के संचालन तथा छात्र के साथ हुई घटना के आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
इस अवसर पर सचिन भाटी, अजब सिंह भाटी, सोबी भाटी, आयुष शर्मा, डॉ. मोहसिन, विकास प्रधान, ओम प्रकाश, सोनू भाटी और अनिल सहजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
