चार साल पुराने आदेश की अनदेखी, चार वरिष्ठ IAS अफसरों पर अवमानना तय!
आदेश के अनुपालन का नहीं मिला ठोस दस्तावेज, 13 अक्टूबर को चारों अफसरों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए हैं। मामला करीब चार साल पुराने न्यायालय के आदेश के अनुपालन से जुड़ा है। अदालत ने सुनवाई के दौरान अधिकारियों की ओर से आदेश के अनुपालन को साबित करने वाला कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर की।

न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की पीठ ने सुरेश चंद्र वर्मा के मामले में 19 जुलाई 2022 को पारित आदेश के अनुपालन से संबंधित 37 अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
आंशिक अनुपालन भी साबित नहीं कर सके अधिकारी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की ओर से ऐसा कोई ठोस दस्तावेज रिकॉर्ड पर नहीं रखा गया, जिससे 19 जुलाई 2022 के आदेश का आंशिक रूप से भी अनुपालन साबित हो सके। अदालत के इस रुख से साफ है कि आदेश के अनुपालन को लेकर पेश किए गए सरकारी पक्ष से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ।
क्या था 19 जुलाई 2022 का आदेश ?
मामला सुरेश चंद्र वर्मा से संबंधित है। हाईकोर्ट ने 19 जुलाई 2022 को संबंधित कर्मचारियों को लागू शासनादेशों के तहत देय लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया था। आदेश में वेतन का पुनर्निर्धारण, बकाया वेतन का भुगतान और संशोधित पेंशन भुगतान आदेश जारी करने के निर्देश शामिल थे।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि निर्धारित चार महीने की अवधि में संबंधित लाभ नहीं दिए जाते हैं तो बकाया राशि पर 7 प्रतिशत साधारण ब्याज का भुगतान करना होगा। अवमानना याचिकाओं में आरोप है कि आदेश पारित होने के करीब चार वर्ष बाद भी उसका अनुपालन नहीं किया गया।
हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती मिली थी

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य भी रखा गया कि हाईकोर्ट का मूल आदेश विशेष अपील में भी बरकरार रहा। इसके बाद 13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश की पुष्टि कर दी। राज्य सरकार की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं।
इसके बावजूद हाईकोर्ट के समक्ष आदेश के अनुपालन का कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका।
सरकार ने मांगा और समय, हाईकोर्ट ने किया इनकार
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से आदेश के अनुपालन के लिए और समय दिए जाने का अनुरोध किया गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने चारों आरोपित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी अधिकारियों को 13 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
इन चार वरिष्ठ IAS अफसरों पर तय हुए आरोप
दीपक कुमार- अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग
अनुराग श्रीवास्तव- प्रमुख सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति-लघु सिंचाई विभाग
अनिल गर्ग- प्रमुख सचिव, सिंचाई विभाग
सौरभ बाबू- प्रमुख सचिव, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
अब 13 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर
करीब चार वर्ष पुराने आदेश के अनुपालन को लेकर चल रही इन 37 अवमानना याचिकाओं में अब चारों वरिष्ठ अधिकारियों के जवाब और उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति महत्वपूर्ण होगी। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद 13 अक्टूबर की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
