रुचिरा सफायर सोसाइटी में बिजली चोरी का खुलासा! विजिलेंस टीम की छापेमारी से मचा हड़कंप!
मीटर रूम में मिले अतिरिक्त तार, बिजली बाईपास कर लिफ्ट आदि चलाने की आशंका
एसएमवी कंपनी के कनेक्शन से होती है GH-2 की सोसायटियों में बिजली सप्लाई, विभाग करा रहा एफआईआर
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। एनएच-24 स्थित जयपुरिया टाउनशिप की रुचिरा सफायर सोसाइटी में बिजली चोरी का मामला सामने आया है। शुक्रवार देर शाम बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने सोसाइटी में छापेमारी की। इस दौरान मीटर रूम की जांच में कई अतिरिक्त तार मिलने के बाद बिजली चोरी की आशंका गहरा गई। कार्रवाई के दौरान सोसाइटी में हड़कंप मच गया। बिजली विभाग अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटा है।
शिकायत के बाद हरकत में आया बिजली विभाग

बिजली विभाग के एसडीओ लालमणि वर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। एसडीओ के मुताबिक, विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि सोसाइटी में लिफ्ट सहित अन्य सुविधाओं का संचालन कथित तौर पर चोरी की बिजली से किया जा रहा है।
शिकायतों की पड़ताल के लिए शुक्रवार दोपहर जेई और बिजली विभाग के कुछ कर्मचारी गोपनीय तरीके से सोसाइटी के मीटर रूम का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पर संदेह हुआ। इसके बाद देर शाम विजिलेंस टीम के साथ छापेमारी की गई।
मीटर रूम में मिले अतिरिक्त तार, बाईपास की आशंका

जांच के दौरान मीटर रूम में कई अतिरिक्त तार पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि इन तारों के जरिए बिजली को बाईपास कर आपूर्ति ली जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, सोसाइटी में एक अतिरिक्त मीटर भी लगा हुआ था। जांच का अहम बिंदु यह है कि इस मीटर और अतिरिक्त तारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था तथा क्या इनके जरिए बिजली की खपत को नियमित मीटर से अलग किया जा रहा था।
हालांकि, बिजली चोरी के तरीके और उसकी वास्तविक मात्रा की पुष्टि विभागीय जांच एवं तकनीकी परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
एसएमवी कंपनी के नाम पर है बिजली कनेक्शन
मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि टाउनशिप को संचालित करने वाली कंपनी एसएमवी के नाम पर बिजली कनेक्शन है। इसी व्यवस्था के तहत GH-2 क्षेत्र की विभिन्न सोसायटियों में बिजली की आपूर्ति की जाती है।
ऐसे में जांच का दायरा केवल सोसाइटी के मीटर रूम तक सीमित नहीं रहेगा। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था किस प्रकार संचालित की जा रही थी, अतिरिक्त मीटर की भूमिका क्या थी और कथित अनियमितता के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
बिल्डर कर रहा है सोसाइटी का रखरखाव
बताया जा रहा है कि रुचिरा सफायर सोसाइटी का रखरखाव फिलहाल बिल्डर की ओर से किया जा रहा है। ऐसे में बिजली आपूर्ति और कॉमन एरिया में बिजली के इस्तेमाल से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले बिल्डर या किसी अन्य पक्ष की संलिप्तता को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
एफआईआर की तैयारी, जांच के बाद खुलेगा पूरा मामला
एसडीओ लालमणि वर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पहले गोपनीय निरीक्षण किया गया और संदेह होने पर विजिलेंस टीम के साथ छापेमारी की गई। उनके मुताबिक, बिजली विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बिजली बाईपास की जा रही थी या नहीं, यदि बिजली चोरी हुई तो उसका स्वरूप और मात्रा क्या थी तथा इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
फिलहाल, रुचिरा सफायर सोसाइटी में हुई इस कार्रवाई ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय जांच और एफआईआर के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
