श्री धार्मिक रामलीला समिति प्रकरण: डिप्टी रजिस्ट्रार ने 4 जुलाई का चर्चित पत्र जांच पूरी होने तक किया स्थगित
समिति ने फोरेंसिक ऑडिट, आयकर अभिलेख, 2022 के चुनाव की वैधता और हाईकोर्ट में लंबित याचिका का दिया हवाला
नए तथ्यों के बाद बदला प्रशासनिक रुख
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। कविनगर स्थित श्री धार्मिक रामलीला समिति से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 4 जुलाई 2026 को जारी पत्र, जिसने समिति के वित्तीय एवं प्रशासनिक संचालन को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी थी, अब त्रिस्तरीय जांच पूरी होने तक स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय एडीएम सिटी के पत्र, लंबित जांच तथा समिति की ओर से प्रस्तुत किए गए विस्तृत पक्ष और दस्तावेज को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
समिति की ओर से रखा गया विस्तृत पक्ष
9 जुलाई 2026 को डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय को भेजे गए पत्र में समिति की ओर से कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 के खातों की फोरेंसिक ऑडिट कराई जा चुकी है और उसकी रिपोर्ट पूर्व में ही कार्यालय में उपलब्ध करा दी गई थी।
पत्र में यह भी कहा गया है कि समिति प्रत्येक वर्ष नियमानुसार इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करती रही है तथा वर्ष 2022 से 2025 तक की आयकर रिपोर्टें भी डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा कराई जा चुकी हैं।

वर्ष 2022 के चुनाव को बताया नियमसम्मत
समिति की ओर से यह भी कहा गया है कि वर्ष 2022 का चुनाव पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ था। पत्र के अनुसार, चुनाव सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 की धारा 25(2) के अंतर्गत डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय के आदेश संख्या 742, दिनांक 18 मई 2022 द्वारा नामित निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में कराया गया था। इसलिए चुनाव की वैधता पर उठाए गए प्रश्नों का समिति ने खंडन किया है।
नोटिसों का समय पर उत्तर देने का दावा
समिति की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 21 मई 2026 एवं 12 जून 2026 को जारी नोटिसों का विस्तृत उत्तर तथा संबंधित दस्तावेज 18 जून 2026 को ही कार्यालय में प्रस्तुत कर दिए गए थे। समिति का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज नियमानुसार उपलब्ध करा दिए गए थे।
हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामला
समिति ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इस प्रकरण से संबंधित एक याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। साथ ही, एडीएम सिटी स्तर पर गठित त्रिस्तरीय जांच समिति द्वारा मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आना शेष है।
जांच पूरी होने तक 4 जुलाई का पत्र स्थगित
समिति की ओर से प्रस्तुत तथ्यों, एडीएम सिटी के पत्र तथा त्रिस्तरीय जांच की प्रगति को ध्यान में रखते हुए 4 जुलाई 2026 को जारी पत्र को जांच पूरी होने तक स्थगित कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि अब इस प्रकरण में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट, उपलब्ध दस्तावेज तथा विधिक प्रक्रिया के समग्र परीक्षण के बाद ही तय की जाएगी।
अब अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट पर निर्भर
श्री धार्मिक रामलीला समिति प्रकरण अब ऐसे चरण में पहुंच गया है, जहां एक ओर शिकायतों में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर समिति ने फोरेंसिक ऑडिट, आयकर अभिलेख, वर्ष 2022 के चुनाव की वैधता तथा नोटिसों के उत्तर समय पर प्रस्तुत किए जाने का दावा किया है।
ऐसी स्थिति में अब पूरे प्रकरण की दिशा त्रिस्तरीय जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी। जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष के दावों या आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। प्रशासनिक स्तर पर भी आगे की कार्रवाई अब जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही तय की जाएगी।
