RNEX: देविका स्काइपर में 45 मीटर सड़क पर बवाल, ट्रैक्टर के आगे डटे निवासी

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राजनगर एक्सटेंशन में सड़क मरम्मत को लेकर हंगामा, महिलाएं-बच्चे भी विरोध में उतरे, मास्टर प्लान पर उठे सवाल

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित देविका स्काइपर सोसाइटी के बाहर बुधवार सुबह सड़क को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सड़क की मरम्मत को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग तक ट्रैक्टर के सामने खड़े हो गए। मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।

वर्षों से जर्जर है मुख्य मार्ग

जानकारी के अनुसार देविका स्काइपर सोसाइटी के बाहर की सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। यह मार्ग वीवीआईपी एड्रेसेस, वीवीआईपी मंगल समेत आसपास की कई सोसाइटियों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई।

निवासियों ने अपने खर्च पर डलवाई कॉन्क्रीट

बताया गया कि सोसाइटी के निवासियों ने आपसी सहयोग से मंगलवार रात सड़क के खराब हिस्से पर अस्थायी मरम्मत के लिए कॉन्क्रीट डलवाई थी। बुधवार सुबह सिहानी गांव का एक किसान मौके पर पहुंचा और जमीन पर अपना दावा करते हुए ट्रैक्टर में लोडर लगाकर डाली गई कॉन्क्रीट हटानी शुरू कर दी। यह देखकर बड़ी संख्या में निवासी मौके पर एकत्र हो गए और विरोध शुरू कर दिया।

ट्रैक्टर के सामने खड़े हुए महिलाएं और बच्चे

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब महिलाएं और बच्चे भी ट्रैक्टर के सामने खड़े हो गए। मौके पर काफी देर तक कहासुनी होती रही। बाद में पूर्व और वर्तमान पार्षद समेत अन्य स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया।

45 मीटर सड़क के दावे पर उठे सवाल

निवासियों का आरोप है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान तथा बिल्डर द्वारा कराई गई रजिस्ट्री में 45 मीटर चौड़ी सड़क का पैसा लिए गया था, लेकिन मौके पर बेहद संकरी और टूटी हुई सड़क ही मौजूद है। लोगों का कहना है कि फ्लैट खरीदते समय चौड़ी सड़क और बेहतर सुविधाओं का वादा किया गया था, लेकिन आज हालात यह हैं कि लोगों को सुरक्षित आवागमन तक की सुविधा नहीं मिल पा रही।

जीवनभर की जमा-पूंजी लगाई, अब सड़क के लिए संघर्ष

मौके पर मौजूद एक महिला निवासी ने कहा कि-

निवासी, देविका स्काइपर

भीषण गर्मी में हम अपने बच्चों के साथ सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आखिर हमारा कसूर क्या है ? घर खरीदना क्या गुनाह है ?

वहीं एक अन्य निवासी ने कहा कि-

निवासी, देविका स्काइपर

फ्लैट खरीदते समय उन्हें 45 मीटर चौड़ी सड़क का सपना दिखाया गया था। रजिस्ट्री दस्तावेजों और नक्शों में चौड़ी सड़क दर्शाई गई, लेकिन जमीनी हकीकत में कुछ फीट की टूटी सड़क भी लोगों को नसीब नहीं हो रही।

बिल्डर और प्राधिकरण पर उठाए सवाल

देविका स्काइपर एओए अध्यक्ष अजय सैनी ने बताया कि-

एओए अध्यक्ष अजय सैनी

बिल्डर ने फ्लैट बेचते समय 45 मीटर चौड़ी सड़क का वादा किया था। लोगों को जीडीए का मास्टर प्लान भी दिखाया गया था। उसी के आधार पर लोगों ने यहां निवेश किया। उनका आरोप है कि जब भी निवासी अपने स्तर पर सड़क की मरम्मत कराते हैं, कुछ लोग जमीन पर दावा करते हुए उसे रुकवा देते हैं।

टैक्स पूरा, सुविधाएं अधूरी

निवासियों का कहना है कि वे हाउस टैक्स समेत सभी सरकारी कर नियमित रूप से जमा कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। वहीं पुलिस ने फिलहाल दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं तथा मामले के समाधान के लिए प्राधिकरण से हस्तक्षेप करने को कहा है।

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