गुलमोहर एन्क्लेव में काला पानी, नगर निगम की जांच पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता 5 घंटे इंतजार करता रहा! टीम आई, जांच की और चली गई!!
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। गुलमोहर एन्क्लेव में काले और गंदे पानी की शिकायत पर नगर निगम की टीम तो पहुंची, लेकिन जांच की पूरी प्रक्रिया ने ही कई सवाल खड़े कर दिए। आरडब्ल्यूए फेडरेशन के मीडिया प्रभारी गौरव बंसल ने जिलाधिकारी कार्यालय और नगर निगम की संभव जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। अधिकारियों के निर्देश पर गौरव बंसल को मौके पर मौजूद रहने को कहा गया। वह तत्काल सोसायटी पहुंचे और करीब पांच घंटे तक नगर निगम की टीम का इंतजार करते रहे।
लेकिन जब टीम पहुंची तो शिकायतकर्ता को सूचना तक नहीं दी गई। सुरक्षा गार्डों के मुताबिक जलकल विभाग के दो कर्मचारी सोसायटी में आए, मैनेजर राहुल त्यागी के साथ कुछ स्थानों पर पानी की जांच की और वापस चले गए।
जिसने शिकायत की, उसी से बात क्यों नहीं ?
गौरव बंसल का सीधा सवाल है कि जब शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद था, तो नगर निगम की टीम ने उससे संपर्क क्यों नहीं किया ? जांच में क्या पाया गया ? पानी का सैंपल लिया गया या नहीं ? पानी काला और गंदा क्यों है ? बोरवेल की स्थिति क्या है ? टंकियों में क्या स्थिति है ? इन सवालों का जवाब शिकायतकर्ता को नहीं मिला।
नगर निगम का तर्क भी सवालों के घेरे में
नगर निगम अधिकारी के मुताबिक, गुलमोहर एन्क्लेव में नगर निगम की पानी की सप्लाई नहीं है, इसलिए विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। उनके मुताबिक टीम उच्च अधिकारियों के निर्देश पर भेजी गई थी। लेकिन गौरव बंसल का सवाल है कि यदि सोसायटी के अंदर नगर निगम का बोरवेल लगा हुआ है और उसी से पानी की सप्लाई हो रही है, तो पानी की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है ?
टैक्स लिया जाता है तो जिम्मेदारी कौन लेगा ?
गौरव बंसल ने सवाल उठाया कि नगर निगम द्वारा सोसायटी के निवासियों से हाउस टैक्स और वाटर टैक्स लिया जाता है। ऐसे में जब पीने के पानी की गुणवत्ता पर गंभीर शिकायत सामने आई है, तो जिम्मेदारी तय करने के बजाय विभागीय पल्ला झाड़ने की स्थिति क्यों?
बताया गया है कि इससे पहले भी पानी के सैंपल लिए गए थे और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में पानी के पीने योग्य नहीं होने का दावा किया गया था। बावजूद इसके समस्या का स्थायी समाधान नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
अब आरडब्ल्यूए फेडरेशन की चेतावनी
आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने साफ कहा है कि यदि काले और गंदे पानी की समस्या पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जिलाधिकारी कार्यालय और नगर निगम कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
