November 5, 2026
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CJP प्रदर्शन मामले में छात्र को नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट नाराज़

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CJI सूर्यकांत का सवाल: जब कार्रवाई पर रोक थी तो मजिस्ट्रेट ने नोटिस कैसे जारी किया ?

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र अक्षत त्रिपाठी को ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान बताया गया कि पुलिस के अनुरोध पर छात्र को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में शांति बनाए रखने के लिए छात्र से पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा गया था। हालांकि बाद में यह नोटिस वापस ले लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ऐसा कैसे हुआ ?

मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट पहले ही छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा चुका है, तो कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस कैसे जारी कर सकते हैं। पीठ ने साफ संकेत दिया कि संबंधित मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और उन्हें बताना होगा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद यह कार्रवाई किस आधार पर की गई।

1 सितंबर के आदेश के बाद जारी हुआ नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर में आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। ऐसे में इसके बाद छात्र को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके का नोटिस जारी होने पर अदालत ने गंभीर आपत्ति जताई।

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि अदालत का आदेश बिल्कुल स्पष्ट था और किसी भी छात्र के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी थी।

अब मजिस्ट्रेट को देना होगा जवाब

नोटिस भले ही वापस ले लिया गया हो, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसके जारी होने को गंभीरता से लिया है। अदालत का रुख इस सवाल पर केंद्रित है कि क्या निचली कार्यपालिका सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद कोई ऐसी कार्रवाई कर सकती है, जिसका सीधा असर उस व्यक्ति पर पड़े जिसके खिलाफ अदालत ने संरक्षण दिया हो ?

इस मामले में अब कार्यकारी मजिस्ट्रेट के स्पष्टीकरण पर नजर रहेगी। पीठ में CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे।

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