आजम खान के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में FIR, जौहर ट्रस्ट भी आरोपी!
सरकारी ठेकों की रकम जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी तक पहुंचाने के आरोपों की जांच तेज़, जेल में पूछताछ के बाद ED की कार्रवाई
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डिप्टी डायरेक्टर ने रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। मामला ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच से जुड़ा है।

इससे पहले मंगलवार को ED की टीम ने रामपुर जिला जेल में आजम खान से पूछताछ की थी और उनका बयान दर्ज किया था। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
क्या है पूरा मामला ?
ED की जांच के मुताबिक, कुछ सरकारी ठेके हासिल करने वाले ठेकेदारों और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के बीच वित्तीय लेन-देन हुआ। एजेंसी को आशंका है कि सरकारी ठेकों से प्राप्त धन को ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी की ओर भेजा गया। जांच में कथित तौर पर भारी डोनेशन और निर्माण कार्यों से जुड़े लेन-देन भी शामिल हैं।
इस मामले में ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर सहित दिल्ली में आजम खान से जुड़े करीब दस ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए कथित अपराध से अर्जित धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल का पता लगा रही है।
आजम खान द्वारा वर्ष 2006 में स्थापित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय है। फिलहाल जांच का केंद्र सरकारी ठेकों से जुड़े धन के कथित हस्तांतरण और ट्रस्ट की गतिविधियां हैं। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
