November 5, 2026
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खेल और कत्लेआम एक साथ नहीं हो सकते: संगीत सोम

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मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किए जाना

सैकड़ों-करोड़ों सनातनियों की जीत: संगीत सोम

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज़ किए जाने का मामला जितना क्रिकेट से जुड़ा दिखता है, उतना ही वह राजनीति और राष्ट्रवाद की धार पर भी खड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में भाजपा नेता संगीत सोम का वह बयान रहा, जिसने खेल के एक फैसले को राष्ट्रीय बहस में बदल दिया।

मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किए जाने के फैसले पर भाजपा नेता संगीत सोम ने एक टीवी न्यूज़ चैनल से बातचीत में बीसीसीआई और भारत सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत के सनातनियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए। संगीत सोम के अनुसार यह फैसला “सैकड़ों-करोड़ सनातनियों की जीत” है।

उन्होंने आगे कहा कि भारतवासियों के सम्मान के खिलाफ किसी भी तरह का आचरण स्वीकार नहीं किया जा सकता और उनके शब्दों में, “खेल और कत्लेआम एक साथ नहीं हो सकते।” संगीत सोम ने स्पष्ट किया कि जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ न्यायपूर्ण और सुरक्षित व्यवहार सुनिश्चित नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर सक्रिय है और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर बेहतर व्यवस्था की जाएगी।

संगीत सोम का बयान: चिंगारी जिसने आग पकड़ ली

 

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित हमलों के संदर्भ में संगीत सोम ने KKR द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी।

उन्होंने कहा था कि “बांग्लादेश में हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, उनकी हत्या की जा रही है, वहां के खिलाड़ियों को खरीदना देशद्रोह है।”

इतना ही नहीं, उन्होंने KKR के सह-मालिक शाहरुख खान पर भी सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “गद्दार” तक कह दिया।

यह बयान केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं रहा, बल्कि उसने सोशल मीडिया से लेकर खेल प्रशासन तक दबाव की एक श्रृंखला शुरू कर दी। क्रिकेट प्रेमियों, राजनीतिक समर्थकों और विरोधियों, सभी के बीच यह सवाल गूंजने लगा कि क्या खेल को अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से अलग रखा जा सकता है ?

नीलामी के बाद बदली हवा

 

गौरतलब है कि KKR ने हाल ही में हुई नीलामी में मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि उनका आधार मूल्य दो करोड़ रुपये था। चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद KKR ने यह सौदा किया। उस वक्त यह फैसला पूरी तरह क्रिकेटिंग रणनीति के तौर पर देखा गया था।

लेकिन संगीत सोम जैसे नेताओं के बयानों के बाद यह सौदा राजनीतिक और वैचारिक बहस का विषय बन गया। विरोध प्रदर्शनों और तीखी टिप्पणियों ने BCCI पर भी दबाव बढ़ा दिया।

BCCI का हस्तक्षेप: बयान से फैसले तक

 

राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने KKR से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज़ करने को कहा। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने ‘हालिया घटनाओं’ का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर फ्रेंचाइज़ी को उनके स्थान पर किसी अन्य खिलाड़ी को चुनने की अनुमति दी जाएगी।

हालांकि BCCI ने औपचारिक रूप से किसी राजनीतिक बयान का नाम नहीं लिया, लेकिन यह साफ़ है कि संगीत सोम के बयान ने बने माहौल में निर्णायक भूमिका निभाई।

क्या बयान तय करेंगे IPL का भविष्य ?

इस पूरे प्रकरण ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब IPL जैसे पेशेवर और वैश्विक मंच पर खिलाड़ियों का चयन उनके देश की राजनीतिक परिस्थितियों और नेताओं के बयानों से तय होगा अथवा होना चाहिए ?? संगीत सोम का बयान उन वर्गों की आवाज़ बनकर उभरा, जो मानते हैं कि राष्ट्रहित खेल से ऊपर है। 

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