गाजियाबाद में बारिश बनी काल: मासूम की मौत, यूपी में 8 की गई जान, सीएम योगी ने दिए 24 घंटे में राहत के निर्देश
जलभराव, सड़क धंसने और दर्दनाक हादसों से गाजियाबाद बेहाल, प्रशासन अलर्ट मोड पर
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। मानसून की मूसलाधार बारिश ने गुरुवार को गाजियाबाद में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया । जलभराव, सड़क धंसने और घंटों तक लगे ट्रैफिक जाम के बीच विजय नगर थाना क्षेत्र की सर्वोदय कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। घर के बाहर पानी से भरे नाले में बह जाने से तीन वर्षीय मासूम पल्लवी की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था और खुले नालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नाले में बह गई मासूम, परिवार में पसरा मातम

जानकारी के अनुसार, पल्लवी अपने घर के बाहर बारिश के पानी के बीच खेल रही थी। इसी दौरान वह पानी से भरे नाले में गिरकर बह गई। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अतिरिक्त नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने कहा कि शासन की नीति के अनुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सड़क धंसी, वाहन समाए गड्ढे में

बारिश के कारण वसुंधरा सेक्टर-13 में निर्माणाधीन बेसमेंट के समीप सड़क धंस गई। हादसे में एक कार और स्कूटर गहरे गड्ढे में समा गए, जबकि पास खड़ा बिजली का खंभा भी धंस गया। शहर के अनेक इलाकों में जलभराव और लंबे ट्रैफिक जाम ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं।
सीएम योगी का सख्त निर्देश, 24 घंटे में राहत और मुआवजा

प्रदेशभर में बारिश और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनहानि, पशुहानि एवं आर्थिक नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर राहत राशि और मुआवजा प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया जाए। साथ ही अधिकारियों को पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद कर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एक नजर में: यूपी में बारिश का कहर
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। गाजियाबाद में तीन वर्षीय मासूम पल्लवी नाले में बह गई, जबकि बुलंदशहर में दीवार गिरने से तीन लोगों की जान चली गई और तीन अन्य घायल हुए। संत कबीर नगर में बिजली गिरने से दो महिलाओं तथा कुशीनगर में एक 14 वर्षीय किशोर की मौत हुई। शामली में टिन शेड की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की जान गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं मुजफ्फरनगर में कच्चा मकान ढहने से 20 बकरियों की मौत हो गई।
गाजियाबाद में हाई अलर्ट, स्कूल भी रहे बंद
भारतीय मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी बोर्डों के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया। प्रशासन ने नागरिकों से जलभराव वाले क्षेत्रों, खुले नालों और कमजोर निर्माणों से दूर रहने तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।
बड़ा सवाल
हर वर्ष मानसून के दौरान गाजियाबाद में जलभराव, खुले नाले और धंसती सड़कें लोगों की जान पर भारी पड़ती हैं। सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की जल निकासी व्यवस्था कब सुधरेगी और ऐसे हादसों की जिम्मेदारी कौन तय करेगा ?

