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गाजियाबाद की पंचशील वेलिंग्टन सोसाइटी में बड़ा हादसा टला! CCTV में कैद हुआ मौत का मंजर!!

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महिला निवासी और एक अन्य व्यक्ति के गुजरते ही पंचशील वेलिंग्टन के टावर एंट्रेंस की छत से भरभराकर गिरा भारी प्लास्टर


अब मानसून की पहली बारिश में ढही पूरी बॉउंड्री वॉल

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। क्रासिंग रिपब्लिक स्थित पंचशील वेलिंग्टन सोसाइटी में गुरुवार को सामने आई घटनाओं ने हजारों परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सबसे भयावह तस्वीर उस सीसीटीवी फुटेज ने सामने रखी है, जिसमें एक टावर के प्रवेश द्वार पर मौत मानो कुछ सेकंड की दूरी पर खड़ी दिखाई देती है।

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, एक महिला निवासी और एक अन्य व्यक्ति टावर के प्रवेश द्वार से गुजरते हैं। उनके वहां से निकलने के महज कुछ सेकंड बाद ही छत का भारी प्लास्टर भरभराकर उसी स्थान पर गिर पड़ता है। फुटेज में प्लास्टर के गिरने का दृश्य इतना भयावह है कि इसे देखने वाला हर व्यक्ति सिहर उठे। यदि दोनों कुछ क्षण भी देर से वहां से गुजरते, तो गंभीर हादसा हो सकता था।

इस घटना के बाद पूरे परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल है। अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जबकि बुजुर्ग और अन्य निवासी भी भवन की संरचनात्मक स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं।

अब बारिश में ढह गई पूरी बॉउंड्री वॉल

इन आशंकाओं के बीच मानसून की पहली तेज बारिश ने हालात और चिंताजनक बना दिए। सोसाइटी की मुख्य सड़क की ओर स्थित मार्केट से लेकर अंतिम छोर तक फैली पूरी बाहरी बॉउंड्री वॉल अचानक भरभराकर ढह गई। सौभाग्य से उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई, लेकिन इस घटना ने निवासियों की चिंता को और गहरा कर दिया।

पहले भी हो चुका है हादसा, अब बेसमेंट में भी लीकेज

यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी ग्राउंड फ्लोर क्षेत्र में छत का प्लास्टर गिरने से एक बुजुर्ग महिला घायल हो चुकी हैं। वहीं लगातार बारिश के कारण बेसमेंट में पानी की लीकेज की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। एक के बाद एक सामने आ रही घटनाओं ने भवन की संरचनात्मक मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जीडीए से वर्षों से लगाई जा रही गुहार

एओए अध्यक्ष शिव चौहान का कहना है कि एओए बोर्ड और निवासी लंबे समय से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से भवन का स्वतंत्र स्ट्रक्चरल ऑडिट, तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद यदि प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

सबसे बड़ा सवाल

एक ओर सीसीटीवी में मौत को चकमा देती महिला निवासी, दूसरी ओर मानसून की पहली बारिश में ढहती बॉउंड्री वॉल, पहले घायल हो चुकी बुजुर्ग महिला और बेसमेंट में लगातार लीकेज, क्या ये घटनाएं केवल संयोग हैं या किसी बड़े खतरे की दस्तक ?

हजारों परिवारों के मन में अब सिर्फ एक सवाल है, क्या प्रशासन और संबंधित एजेंसियां किसी बड़े जानलेवा हादसे के बाद जागेंगी, या फिर समय रहते पूरे परिसर का निष्पक्ष स्ट्रक्चरल ऑडिट कराकर जिम्मेदारियों का निर्धारण करेंगी ?

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