[t4b-ticker]

बारिश में डूबी विधायक कॉलोनी, जिम्मेदार कौन ?

0
V1

जाम नाले, ओवरफ्लो सीवर, 24 घंटे तक बिजली संकट


RWA ने नगर निगम से मांगी जवाबदेही

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। मानसून की पहली गंभीर बारिश ने एक बार फिर गाजियाबाद नगर निगम की तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी है। कुछ घंटों की वर्षा के बाद विधायक कॉलोनी जलमग्न हो गई। कई मकानों के बेसमेंट और भूतल में पानी भर गया, लोगों की लाखों रुपये की गृहस्थी प्रभावित हुई और पूरा इलाका जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली का प्रतीक बन गया।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मानसून से पहले नालों और सीवरों की सफाई तथा डी-सिल्टिंग पर हर वर्ष लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो पहली ही तेज बारिश में पूरी कॉलोनी पानी में क्यों डूब गई ?

मुख्य नाला जाम, पूरी कॉलोनी बनी जलाशय

विधायक कॉलोनी RWA के अध्यक्ष अनूपम शुक्ला द्वारा नगर आयुक्त को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि कॉलोनी का मुख्य नाला, जो शहर के मुख्य नाले से जुड़ा है, पूरी तरह जाम और ओवरफ्लो है। इसके अलावा अधिकांश नालियां और सीवर लाइनें भी उफान पर हैं। परिणामस्वरूप गंदा पानी सड़कों से होता हुआ घरों के भीतर तक पहुंच गया और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।

बिजली संकट ने बढ़ाई मुश्किलें, 24 घंटे बाद भी नहीं लौटी आपूर्ति

जलभराव के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। शिकायत के अनुसार 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अनेक घरों में बिजली बहाल नहीं हो सकी। इससे आम नागरिकों को पेयजल, घरेलू जरूरतों और दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

क्या आपदा में भी वसूली ? 

शिकायत में एक अत्यंत गंभीर आरोप भी सामने आया है। RWA का कहना है कि बिजली कनेक्शन दोबारा जोड़ने के नाम पर कुछ कर्मचारियों द्वारा प्रति प्लॉट रुपए 1000 की अवैध मांग किए जाने की शिकायतें मिली हैं। यदि जांच में यह आरोप सही साबित होता है तो यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि आपदा की घड़ी में नागरिकों की मजबूरी का लाभ उठाने जैसा गंभीर कृत्य माना जाएगा। RWA ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

RWA ने रखीं छह प्रमुख मांगें

RWA ने नगर आयुक्त से मुख्य नाले, नालियों और सीवर लाइनों की तत्काल सफाई एवं डी-सिल्टिंग, जलभराव वाले क्षेत्रों से पंप लगाकर पानी निकासी, क्षतिग्रस्त नालों और सीवरों की मरम्मत, बिजली विभाग के समन्वय से शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल कराने, कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच तथा भविष्य के लिए स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!