गुलमोहर एन्क्लेव में ‘बंदर राज’, दहशत में सैकड़ों परिवार
टावरों में बेखौफ घूम रहे बंदर, बच्चों-बुजुर्गों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
आरडब्ल्यूए की निष्क्रियता पर उठे सवाल
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में बंदरों का बढ़ता आतंक अब गंभीर सुरक्षा संकट का रूप ले चुका है। हालात ऐसे हैं कि कई निवासी घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। बंदरों के झुंड खुलेआम टावरों के कॉरिडोर, सीढ़ियों, बालकनियों और फ्लैटों के बाहर तक पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
सोसायटीवासियों के अनुसार बंदर घंटों तक टावरों में डेरा जमाए रखते हैं। वे छतों और बालकनियों में रखे गमले नीचे फेंक देते हैं, घरेलू सामान बिखेर देते हैं और कई बार लोगों का रास्ता भी रोक लेते हैं। इससे न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि नीचे आने-जाने वाले लोगों की जान भी जोखिम में पड़ रही है। अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं, जबकि बुजुर्ग और महिलाएं भी भय के कारण सामान्य दिनचर्या प्रभावित होने की बात कह रहे हैं।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
सोसायटी निवासी दिनेश सिंह का कहना है कि बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, लेकिन आरडब्ल्यूए की ओर से अब तक कोई ठोस या प्रभावी पहल दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि यदि समय रहते संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई नहीं कराई गई तो किसी भी दिन कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।
वन विभाग और नगर निगम से तत्काल अभियान की मांग
स्थिति को देखते हुए निवासियों ने जिला प्रशासन, वन विभाग और नगर निगम से तत्काल विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ने की मांग की है। साथ ही आरडब्ल्यूए से भी आग्रह किया गया है कि वह केवल औपचारिकता निभाने के बजाय संबंधित विभागों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए।
