भारत विरोधी ताकतें सनातन संस्कृति को निशाना बना रहीं, ‘कालनेमियों’ से सावधान रहे समाज: सीएम योगी
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गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर से मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश
बोले, देश की प्रगति रोकने के लिए रची जा रही हैं साजिशें, हर नागरिक को रहना होगा सतर्क
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
गोरखपुर। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत विरोधी गतिविधियों और सनातन संस्कृति पर हो रहे कथित हमलों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें भारत की प्रगति, सनातन संस्कृति और उसकी परंपराओं को कमजोर करने की साजिश रच रही हैं। समाज में ‘कालनेमि’ का रूप धारण कर सक्रिय ऐसे लोगों को समय रहते पहचानना होगा, अन्यथा यह अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव और श्रीराम कथा के विश्राम समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेज़ी से वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है। अगले दो-तीन वर्षों में देश दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है। यही कारण है कि भारत विरोधी ताकतें देश में अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लगभग समाप्त होने के बाद उसे बढ़ावा देने वाली शक्तियां अब नए और छद्म रूपों में सामने आ रही हैं। उन्होंने रामायण के कालनेमि प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को ऐसे तत्वों के प्रति पूरी तरह सजग रहना होगा और भारत विरोधी किसी भी षड्यंत्र को सफल नहीं होने देना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति सभी मतों और संप्रदायों को संरक्षण देती है, लेकिन कुछ लोग इसी परंपरा को भीतर से कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने मातृशक्ति और मातृभूमि का अपमान करने वालों को कठोर दंड का पात्र बताते हुए समाज से एकजुट होकर राष्ट्रहित में खड़े होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद रविकिशन शुक्ल, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत मिथिलेशनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास समेत कई साधु-संत, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्रबुद्धजन व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
