37 गांवों से शुरू होगी ‘न्यू नोएडा’ की नई कहानी
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भूमि अधिग्रहण का बिगुल
अगस्त से बदलेगी हजारों किसानों की किस्मत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलेगा नया आर्थिक इंजन
खरीद-बिक्री पर लगेगी रोक • हर गाटा की होगी जांच • 40% भूमि उद्योगों के लिए • जेवर एयरपोर्ट और DMIC से जुड़ेगा नया शहर
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
नोएडा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का नया अध्याय अब शुरू होने जा रहा है। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के अंतर्गत प्रस्तावित न्यू नोएडा परियोजना के पहले चरण के लिए अगस्त से गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के 37 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके साथ ही संबंधित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक, राजस्व अभिलेखों का सत्यापन और प्रत्येक गाटा का भौतिक निरीक्षण शुरू किया जाएगा।
करीब दो दशक पहले जिस तरह नोएडा और बाद में ग्रेटर नोएडा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास की दिशा बदली थी, उसी तरह अब न्यू नोएडा को प्रदेश की अगली औद्योगिक और आर्थिक शक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
यह सिर्फ नया शहर नहीं, 21वीं सदी का औद्योगिक ब्लूप्रिंट

न्यू नोएडा को पारंपरिक शहर नहीं, बल्कि इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और स्मार्ट अर्बन डेवलपमेंट के एकीकृत मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 40% भूमि उद्योगों के लिए 20% से अधिक क्षेत्र हरित विकास के लिए आवंटित की जाएगी। बाकी में स्मार्ट टाउनशिप, विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थान, मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, आधुनिक परिवहन नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी लोकेशन है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव इसे राष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर विशेष स्थान दिला सकता है।
सरकार जमीन ले रही है… लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होगी
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रशासनिक रूप से जितनी महत्वपूर्ण है, सामाजिक दृष्टि से उतनी ही संवेदनशील भी।
सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी-
किसानों का विश्वास बनाए रखना
समय पर पारदर्शी मुआवजा देना
पुनर्वास और विकसित भूखंड संबंधी नीति स्पष्ट करना
भविष्य के कानूनी विवादों को रोकना
विकास और ग्रामीण हितों के बीच संतुलन स्थापित करना
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि इन बिंदुओं पर प्रभावी अमल हुआ तो न्यू नोएडा देश की सबसे सफल नियोजित शहरी परियोजनाओं में शामिल हो सकता है।
अब हर इंच जमीन की होगी सरकारी पड़ताल
मिली जानकारी के मुताबिक अगस्त से राजस्व विभाग और नोएडा प्राधिकरण की संयुक्त टीमें गांव-गांव जाकर खसरा-खतौनी का मिलान करेंगी। सह-स्वामित्व की पुष्टि करेंगी। उत्तराधिकार संबंधी दावों का सत्यापन करेंगी। सीमांकन और वास्तविक कब्जे की जांच करेंगी। प्रत्येक गाटा का रिकॉर्ड तैयार करेंगी। इसके बाद अधिग्रहण संबंधी अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी।
37 गांव… जहां से बदलेगा भविष्य
गौतम बुद्ध नगर
पल्ला, कठैरा, चिटैहरा, आनंदपुर, बोड़ाकी क्षेत्र, धूम मानिकपुर का हिस्सा सहित 13 गांव।
बुलंदशहर
जोखाबाद, सांवली, बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी ताजपुर, कैथरा, किशनपुर, मुरादाबाद, नवादा, चीती, खंगौड़ा, फौलादपुर, गिरधरपुर, हसनपुर सहित 24 गांव।
किसानों को कितना मिलेगा मुआवजा ?
न्यू नोएडा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग 4,300 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित की है। यह दर यमुना प्राधिकरण द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) परियोजना के लिए निर्धारित मुआवजा दर के समान बताई जा रही है।
चार चरणों में बसेगा ‘न्यू नोएडा‘

न्यू नोएडा कोई अल्पकालिक परियोजना नहीं, बल्कि वर्ष 2041 तक चरणबद्ध तरीके से विकसित होने वाला एक विशाल औद्योगिक, आवासीय और निवेश क्षेत्र है। कुल 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली यह परियोजना 84 गांवों को समाहित करेगी। पहले चरण में 37 गांवों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
चार चरणों में विकास का रोडमैप
पहला चरण (2027)
3,165 हेक्टेयर भूमि पर प्रारंभिक विकास कार्य। इसमें उद्योगों, आधारभूत ढांचे और प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
दूसरा चरण (2032)
3,798 हेक्टेयर क्षेत्र में स्मार्ट आवासीय सेक्टर, संस्थागत क्षेत्र, वाणिज्यिक गतिविधियां और नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
तीसरा चरण (2037)
5,908 हेक्टेयर में औद्योगिक विस्तार, लॉजिस्टिक्स हब, ग्रीन कॉरिडोर तथा उच्च स्तरीय शहरी अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
चौथा चरण (2041)
8,230 हेक्टेयर क्षेत्र के विकास के साथ न्यू नोएडा का पूर्ण स्वरूप सामने आएगा। इस चरण में समेकित स्मार्ट सिटी मॉडल, बड़े निवेश क्षेत्र, आधुनिक परिवहन नेटवर्क और दीर्घकालिक शहरी विस्तार को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बड़े सवाल
क्या विकसित प्लॉट और पुनर्वास पैकेज मिलेगा ?
भूमि अधिग्रहण कितने चरणों में पूरा होगा ?
उद्योगों की स्थापना कब शुरू होगी ?
क्या न्यू नोएडा, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विस्तार का नया केंद्र बनेगा ?
