November 5, 2026
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NEWS1UP IMPACT: तीन हफ्ते से बंद पड़ी DME फुटओवर ब्रिज की लिफ्ट हुई शुरू, हजारों लोगों को मिली राहत

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DDP

19 जुलाई को NEWS1UP ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा, NHAI ने लिया संज्ञान, अब बुज़ुर्गों, महिलाओं और मरीजों को मिली बड़ी राहत

NEWS1UP

डेस्क

गाजियाबाद। पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर प्रकाशित करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को समाधान तक पहुंचाना भी है। इसी का एक सकारात्मक उदाहरण दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मणिपाल हॉस्पिटल के सामने स्थित फुटओवर ब्रिज की लिफ्ट के मामले में देखने को मिला है। NEWS1UP द्वारा 19 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित खबर का असर हुआ और आखिरकार तीन सप्ताह से अधिक समय से बंद पड़ी लिफ्ट को दोबारा चालू कर दिया गया। इससे प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग करने वाले हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है।

जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया

19 जुलाई 2026 की स्थिति (खराब पड़ी लिफ्ट)

NEWS1UP ने अपनी खबर में बताया था कि लिफ्ट लंबे समय से बंद होने के कारण महिलाओं, बुज़ुर्गों, दिव्यांगों, मरीजों और छोटे बच्चों के साथ आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को फुटओवर ब्रिज की ऊंची सीढ़ियां चढ़नी-उतरनी पड़ रही थीं, जबकि कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सीधे एक्सप्रेसवे पार करने का प्रयास कर रहे थे।

खबर के बाद NHAI हरकत में आया

31 जुलाई 2026 की स्थिति (सुचारु अवस्था में लिफ्ट)

समाचार प्रकाशित होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और लिफ्ट की मरम्मत कराकर उसे पुनः संचालित कराया। अब यह लिफ्ट आम नागरिकों के लिए सुचारु रूप से चालू हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों में संतोष का माहौल है।

हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा है यह फुटओवर ब्रिज

मणिपाल हॉस्पिटल के सामने स्थित यह फुटओवर ब्रिज गोल्फलिंक्स टाउनशिप, पांडव नगर, कविनगर औद्योगिक क्षेत्र, जयपुरिया टाउनशिप, महरौली और बम्हेटा गांव के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क सेतु का कार्य करता है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ऐसे में लिफ्ट बंद रहने से सबसे अधिक परेशानी बुज़ुर्गों, मरीजों और महिलाओं को उठानी पड़ रही थी।

लोगों ने जताया NEWS1UP का आभार

लैंडक्राफ्ट सोसाइटी में कार्यरत एक घरेलू सहायिका ने बताया कि लिफ्ट बंद रहने के कारण उन्हें प्रतिदिन ऊंची सीढ़ियां चढ़नी-उतरनी पड़ती थीं, जिससे उनके पैरों में दर्द शुरू हो गया था। वहीं एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वह प्रतिदिन गांव से इसी फुटओवर ब्रिज के रास्ते दूध लेकर आते हैं। पैरों में तकलीफ होने के कारण उन्हें लगभग तीन सप्ताह तक मजबूरन वाहन से दूध लाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि-

“NEWS1UP ने हमारी समस्या को आवाज़ दी, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। इसके लिए हम NEWS1UP का धन्यवाद करते हैं।”

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