चार मूर्ति अंडरपास ‘ट्रैफिक जाम’ पर फूटा लोगों का गुस्सा, नेफोमा का प्रदर्शन
मिनटों का सफर घंटों में बदल रहा
अब और इंतजार नहीं, प्राधिकरण से मांगा जवाब
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा वेस्ट। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक पर बढ़ते ट्रैफिक जाम और निर्माणाधीन अंडरपास की धीमी रफ्तार के खिलाफ नेफोमा ने रविवार को सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंडरपास का निर्माण जल्द पूरा कराने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। नेफोमा ने साफ कहा कि अब तारीखों और आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, जमीन पर काम की रफ्तार दिखानी होगी।
2023 में भी लगा था दो किलोमीटर लंबा जाम
चार मूर्ति चौक की जाम की समस्या नई नहीं है। वर्ष 2023 में भी इस मार्ग पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम सामने आया था। इसके बाद स्थायी राहत के लिए अंडरपास की योजना आगे बढ़ी। उम्मीद थी कि निर्माण पूरा होते ही हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी, लेकिन धीमी गति ने समस्या को और बढ़ा दिया है। निर्माण के कारण डायवर्जन, संकरी सड़कें और बढ़ते वाहनों का दबाव चार मूर्ति और आसपास के मार्गों पर रोजाना जाम की स्थिति पैदा कर रहा है।
तारीखें बदलती रहीं, जाम वहीं का वहीं
नेफोमा अध्यक्ष अन्नू ख़ान ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आबादी तेजी से बढ़ी, लेकिन यातायात व्यवस्था उसी अनुपात में विकसित नहीं हुई। चार मूर्ति अंडरपास से लोगों को स्थायी समाधान की उम्मीद थी, लेकिन इसकी समयसीमा लगातार खिसकती रही।
उनके मुताबिक, अंडरपास का निर्माण वर्ष 2024 में शुरू हुआ था। फरवरी 2026 में जून तक इसे शुरू करने की उम्मीद जताई गई थी। इसके बाद मई में 15 अगस्त 2026 तक खोलने की संभावना बताई गई, लेकिन निर्धारित समयसीमा गुजरने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली।
अन्नू ख़ान ने कहा,
“तीन बार लोकार्पण की तारीख आगे बढ़ चुकी है। अब स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध टूट रहा है। प्राधिकरण को अंतिम और स्पष्ट समयसीमा के साथ काम पूरा करना चाहिए।”
60 करोड़ से 92 करोड़ तक पहुंची लागत पर सवाल
नेफोमा ने अंडरपास की लागत को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार, परियोजना की लागत पहले करीब 60 करोड़ रुपये बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर लगभग 92 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। संगठन ने लागत में हुई बढ़ोतरी और निर्माण प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच की मांग की है।
नेफोमा ने सरकार से निर्माण कंपनी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की अपील की है, ताकि परियोजना की लागत और समयसीमा में बदलाव की वजह स्पष्ट हो सके।
720 मीटर का अंडरपास, लेकिन रफ्तार पर सवाल
नेफोमा संगठन मंत्री कृष्णा नंद ने बताया कि अंडरपास करीब 720 मीटर लंबा है और इसकी मूल निर्माण अवधि 18 महीने रखी गई थी। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना से जाम खत्म होना था, वही फिलहाल निर्माण के कारण यातायात दबाव बढ़ाने का कारण बन रही है।
उन्होंने कहा,
“प्राधिकरण को सिर्फ निर्माण पूरा करने की घोषणा नहीं, बल्कि सड़क पर काम की रफ्तार दिखानी होगी। लोगों को रोज जाम में खड़ा करके विकास की तारीखें नहीं बताई जा सकतीं।”
उन्होंने कहा कि जाम केवल आम वाहन चालकों की परेशानी नहीं है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी इसी यातायात दबाव से गुजरते हैं। किसी गंभीर आपात स्थिति में लंबे जाम के परिणाम बेहद चिंताजनक हो सकते हैं।
कुछ मिनट का सफर कई बार घंटों में
नेफोमा कोषाध्यक्ष उमेश सिंह ने कहा कि चार मूर्ति चौक और आसपास के मार्गों पर यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है।
“जिस सफर को सामान्य स्थिति में कुछ मिनटों में पूरा होना चाहिए, उसमें कई बार घंटों लग जाते हैं। इसका सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, किरायेदारों और स्थानीय निवासियों पर पड़ रहा है।”
उन्होंने कहा कि लगातार जाम का असर स्थानीय कारोबार और क्षेत्र की छवि पर भी पड़ रहा है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नेफोमा ने रखीं छह मांगें

नेफोमा ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से अंडरपास का काम युद्धस्तर पर पूरा कराने के साथ छह प्रमुख मांगें रखीं:
अंडरपास का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए
अंतिम और स्पष्ट उद्घाटन तिथि सार्वजनिक की जाए
निर्माण स्थल पर 24 घंटे निगरानी और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं
निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक मार्गों और सर्विस रोड की यातायात व्यवस्था सुधारी जाए
एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए निर्बाध कॉरिडोर सुनिश्चित किया जाए
चार मूर्ति चौक से तिगड़ी गोलचक्कर तक सर्विस रोड के चौड़ीकरण और सुधार का काम समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्राधिकरण ने पहले इस सड़क को 5.50 मीटर से बढ़ाकर 10.50 मीटर करने की योजना बताई थी।
अब सिर्फ आश्वासन नहीं, काम चाहिए
अन्नू ख़ान ने कहा कि नेफोमा का प्रदर्शन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि लाखों निवासियों की रोजमर्रा की परेशानी को सामने लाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि अंडरपास के निर्माण में तत्काल तेजी नहीं लाई गई और यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो नेफोमा स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय करेगा।
प्रदर्शन में नेफोमा अध्यक्ष अन्नू ख़ान, संगठन मंत्री कृष्णा नंद, कोषाध्यक्ष उमेश सिंह, सदस्य नितिन राणा, पंकज शर्मा, राहुल यादव और संतोष सिंह मौजूद रहे।
