November 5, 2026
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जातीय खेमों में बंटा भारत नहीं, हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ चाहिए: सीएम योगी

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गायत्री परिवार की शिक्षक गरिमा कार्यशाला में बोले मुख्यमंत्री, युवा देश का भाग्य विधाता, शिक्षकों पर नई पीढ़ी में भारतीय संस्कार और सामाजिक समरसता मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी

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भूमेश शर्मा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाली ताकतों को सफल नहीं होने देना है। हम बिखरा और जातीय खेमों में लड़ता भारत नहीं, बल्कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ चाहते हैं। आज का युवा ही देश का भाग्य विधाता बनेगा और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के संस्कार मजबूत करें।

मुख्यमंत्री रविवार को राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्तर प्रदेश के शीर्ष-10 विद्यालयों को सम्मानित किया।

सीएम योगी ने कहा कि 1923 में गोरखपुर में गीताप्रेस, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और 1926 में अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना हुई। तीनों के मार्ग और कार्यक्षेत्र अलग रहे, लेकिन लक्ष्य समाज की चेतना को जागृत करना और भारतीय मूल्यों से जोड़ना रहा।

उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार ने यज्ञों के माध्यम से सर्वसमाज को एक वेदी पर बैठाकर सामाजिक एकता का संदेश दिया। आज समाज में बढ़ते बिखराव और परिवारों में बढ़ते तनाव के बीच ऐसी संस्थाओं की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने गायत्री परिवार से आने वाली पीढ़ियों में सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कारों को मजबूत करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को समाज की चेतना और युगनिर्माता बताते हुए कहा कि शिक्षक ईमानदारी से अपने दायित्व का निर्वहन करें तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि क्षेत्र, जाति और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की प्रवृत्ति भारत माता और पूर्वजों के प्रति अपराध है। राष्ट्रहित में विभाजनकारी ताकतों का मुकाबला करना सभी की जिम्मेदारी है।

सीएम योगी ने पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में 2017 से 2026 तक 275 करोड़ पौधरोपण किया गया है। उन्होंने नदियों को शरीर की धमनियों के समान बताते हुए उन्हें अविरल और निर्मल बनाए रखने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 के लिए देश के संकल्प स्पष्ट हैं, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत पर गौरव, सामाजिक समता, विकसित भारत और नागरिक कर्तव्यों की भावना। हर नागरिक अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार हो जाए तो भारत दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के उत्तर प्रदेश के शीर्ष-10 विद्यालयों को सम्मानित किया गया। इनमें सीतापुर इंटर कॉलेज, आशुतोष बृज मोहन लाल मेमोरियल कॉलेज, चंद्रशेखर मेमोरियल पब्लिक स्कूल, लखनऊ पब्लिक स्कूल, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, डॉ. केएन मोदी साइंस एंड कॉमर्स इंटर कॉलेज, शिव प्रताप इंटर कॉलेज, अमर सिंह इंटर कॉलेज, चित्रकूट इंटर कॉलेज और एमजी पब्लिक स्कूल शामिल रहे।

कार्यशाला में डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति के मूल भाव, धर्म, न्याय, नीति, मूल्य और सदाचार को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत जनप्रतिनिधि, गायत्री परिवार के पदाधिकारी और प्रदेशभर से शिक्षक मौजूद रहे।

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