दादरी में योग शिक्षक बनने की परीक्षा, साधकों ने दिखाई प्रतिभा
योग के प्रचार-प्रसार पर जोर
विशेषज्ञों ने कहा- योग को जन-जन तक पहुंचाने में प्रशिक्षित शिक्षकों की अहम भूमिका
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। योग को जन-जन तक पहुंचाने और योग्य योग शिक्षक तैयार करने की दिशा में गुरुवार को दादरी में योग शिक्षक बनने के इच्छुक साधकों की परीक्षा आयोजित की गई। भारत सरकार के उपक्रम राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान के सौजन्य से आयोजित परीक्षा दादरी तहसील के पीछे स्थित गोपाल इलेक्ट्रॉनिक्स आवास पर हुई। इसमें शामिल साधकों की योग संबंधी जानकारी और योग शिक्षक के रूप में उनकी योग्यता को परखा गया।

परीक्षा के दौरान मुख्य योग शिक्षक डॉ. संजीव शर्मा, योग परीक्षक डॉ. उमेश शर्मा और राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान के पदाधिकारी मौजूद रहे। परीक्षा के माध्यम से साधकों की योग के प्रति समझ और उनकी तैयारी का आकलन किया गया, जिससे वे भविष्य में योग शिक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें।
योग को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी
मुख्य योग शिक्षक डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि समाज के अधिक से अधिक लोगों तक योग का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित योग शिक्षकों की जरूरत है। इसके लिए योग साधकों को स्वयं नियमित अभ्यास करने के साथ समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए।
सही जानकारी और नियमित अभ्यास जरूरी
योग परीक्षक डॉ. उमेश शर्मा ने कहा कि योग शिक्षक बनने के लिए नियमित अभ्यास के साथ योग के सिद्धांतों और सही विधियों की जानकारी होना आवश्यक है। एक योग शिक्षक की जिम्मेदारी केवल आसन सिखाना नहीं, बल्कि लोगों को योग का महत्व समझाना और उसका सही अभ्यास कराना भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की परीक्षाएं साधकों को अपनी योग संबंधी योग्यता परखने और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देती हैं।
कार्यक्रम के अंत में योग साधकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजकों ने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
