November 5, 2026
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‘पुलिस मंथन–2025’ के समापन पर मुख्यमंत्री के सख़्त संदेश: कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं!

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‘जीरो टॉलरेंस’ का ऐलान

सोशल मीडिया, साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर

योगी सरकार का निर्णायक रोडमैप

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि अराजकता, दुष्प्रचार और संगठित अपराध के लिए अब कोई जगह नहीं है। ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन–2025 के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया, साइबर अपराध, आतंकी नेटवर्क, गो-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।

सोशल मीडिया बना सबसे बड़ी चुनौती, पुलिस को खुली छूट

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया अब केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं रहा, बल्कि दुष्प्रचार, डीपफेक, फेक अकाउंट और संगठित अराजकता का औजार बन चुका है। जातीय व धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाले कंटेंट, पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने चेताया कि महापुरुषों के नाम पर नए-नए संगठन बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों की पृष्ठभूमि जांच कर नेटवर्क ध्वस्त किया जाए।

धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग पर पैनी नजर

बलरामपुर जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि धार्मिक कन्वर्जन अब व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संगठित साजिश का रूप ले चुका है। सोशल मीडिया, फाइनेंशियल ट्रेल और तकनीकी विश्लेषण के जरिए ऐसे नेटवर्क को प्रारंभिक स्तर पर ही कुचलने के निर्देश दिए गए।
पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल सीमा से जुड़ी गतिविधियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक सर्विलांस के उपयोग से सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने पर जोर दिया।

पुलिस मंथन–2025 के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

नशा, आतंक और गो-तस्करी: मास्टरमाइंड पर सीधा वार

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्वरित गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, अपराध के मास्टरमाइंड तक पहुंचना जरूरी है। नशीले पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और गो-तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार के लिए रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए गए।

‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ सबसे बड़ा हथियार

योगी आदित्यनाथ ने पुलिसिंग के मानवीय पक्ष पर जोर देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों, धर्माचार्यों, व्यापारियों और समाज के हर वर्ग से नियमित संवाद जरूरी है। केवल त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि सामान्य समय में भी संवाद से जमीनी हकीकत सामने आती है।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “केवल मुख्यालय में बैठकर पुलिसिंग नहीं हो सकती।”

स्थिरता, स्वतंत्रता और जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि राजनीतिक हस्तक्षेप न्यूनतम रखा गया है और उन्हें कार्य करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। लंबे कार्यकाल से पुलिस को क्षेत्र की सामाजिक-भौगोलिक समझ विकसित करने का अवसर मिला है, जिससे कानून-व्यवस्था में स्थिरता आई है।

स्मार्ट पुलिसिंग और विजन–2047

प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘स्मार्ट पुलिस’ मंत्र, स्टिक एंड सेंसिटिव, मॉडर्न एंड मोबाइल, अलर्ट एंड अकाउंटेबल, टेक्नो-सेवी एंड ट्रेंड को अपनाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए विश्वसनीय और संवेदनशील पुलिस तंत्र अनिवार्य है।

‘जनता दर्शन’ से मुझे पता चलती है जमीनी हकीकत

सीएम ने थाना प्रबंधन के सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमारी नींव है। आमजन के प्रति हमारा व्यवहार केवल संवेदनशीलता को ही प्रदर्शित नहीं करता, बल्कि ह्यूमन इंटेलिजेंस का भी माध्यम बनता है। मेरे पास जो भी सूचना आती है, अधिकांश की हकीकत ह्यूमन इंटेलिजेंस से ही पता चलती है। ‘जनता दर्शन’ में मैं इसलिए ही नियमित रूप से जाता हूं। फरियादी सिर्फ शिकायत नहीं करता, बल्कि उसके प्रार्थना पत्र और पीड़ा को देख जमीनी हकीकत का पता चलता है।

पुलिस ढांचे में ऐतिहासिक परिवर्तन

योगी सरकार के कार्यकाल में जर्जर बैरकों से लेकर हाईराइज पुलिस भवन, नए पुलिस लाइन, पीएसी का पुनर्गठन और महिला वाहिनियों का गठन हुआ है। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। मिशन शक्ति, साइबर मुख्यालय और मॉडल थानों से पुलिस को तकनीकी रूप से सशक्त किया गया है।

भविष्य की रणनीति का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन केवल चर्चा नहीं, बल्कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन का स्थायी मंच है। 11 सत्रों में 55 वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत सुझाव आने वाले समय की कार्ययोजना का आधार बनेंगे।

उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिसकर्मी सम्मानित

समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न वर्षों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया, जिससे बल का मनोबल और प्रतिबद्धता और मजबूत हुई।

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